धारा 175 – सिविल न्यायालय के अधिकार पर प्रतिबंध (Bar on Jurisdiction of Civil Courts)

🚗 Motor Vehicles Act, 1988

Chapter XII – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal)

धारा 175 – सिविल न्यायालय के अधिकार पर प्रतिबंध (Bar on Jurisdiction of Civil Courts)

🔹 Section 175 का परिचय

Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 175 (Section 175) यह स्पष्ट करती है कि जिन मामलों में Motor Accident Claims Tribunal (MACT) को अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) प्रदान किया गया है, उन मामलों में Civil Court कोई मुकदमा स्वीकार नहीं करेगी।

इस धारा का उद्देश्य मोटर दुर्घटना मुआवजा मामलों को विशेष अधिकरण (Special Tribunal) के माध्यम से निपटाना है।

🎯 धारा 175 का उद्देश्य

Section 175 का मुख्य उद्देश्य है:

  • Parallel proceedings को रोकना
  • दावों के शीघ्र निपटारे को सुनिश्चित करना
  • MACT को exclusive jurisdiction प्रदान करना

⚖️ Civil Court पर प्रतिबंध (Bar of Jurisdiction)

धारा 175 के अनुसार:

  • जिस विषय पर MACT को अधिकार प्राप्त है
  • उस विषय पर:
    • Civil Court सूट, आवेदन या कार्यवाही स्वीकार नहीं करेगी

👉 साथ ही, Civil Court:

  • MACT के कार्यों में
  • कोई Injunction भी जारी नहीं कर सकती

📌 किन मामलों में लागू होता है Section 175?

यह धारा लागू होती है:

  • Accident से संबंधित Compensation Claims पर
  • जहाँ:
    • MACT constituted है, और
    • मामला उसके अधिकार क्षेत्र में आता है

📌 इससे पीड़ितों को सिविल कोर्ट के लंबे ट्रायल से राहत मिलती है।

⚠️ Section 175 का व्यावहारिक महत्व

  • Claimants को single forum उपलब्ध
  • Jurisdictional conflicts से बचाव
  • MACT proceedings की finality सुनिश्चित

🔗 Section 165 और Section 175 का संबंध

Section 165 Section 175
MACT की स्थापना Civil Court का अधिकार प्रतिबंध
Tribunal का अधिकार Exclusive Jurisdiction
Special Forum Bar on Civil Suits

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Chapter Chapter XII
धारा Section 175
विषय Bar on Civil Court Jurisdiction
प्रभाव Exclusive MACT Jurisdiction
उद्देश्य Speedy Disposal

⚖️ Legal Disclaimer

यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी विशेष jurisdiction से संबंधित विवाद में योग्य अधिवक्ता (Advocate) से परामर्श आवश्यक है।