धारा 176 – नियम बनाने की शक्ति (Power to Make Rules)
🚗 Motor Vehicles Act, 1988
Chapter XII – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal)
धारा 176 – नियम बनाने की शक्ति (Power to Make Rules)
🔹 Section 176 का परिचय
Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 176 (Section 176) राज्य सरकार (State Government) को यह शक्ति प्रदान करती है कि वह Motor Accident Claims Tribunal (MACT) के कार्य संचालन से संबंधित नियम (Rules) बना सके।
यह धारा Chapter XII के प्रावधानों को व्यावहारिक रूप से लागू (Implementation) करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🎯 धारा 176 का उद्देश्य
Section 176 का मुख्य उद्देश्य है:
- MACT की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करना
- प्रक्रिया में uniformity और clarity लाना
- राज्यों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नियम बनाने की स्वतंत्रता देना
⚖️ राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति
धारा 176 के अनुसार, State Government निम्न विषयों पर नियम बना सकती है:
- MACT में Application / Claim Petition दायर करने की प्रक्रिया
- Forms और Formats
- Notice जारी करने की प्रक्रिया
- Evidence प्रस्तुत करने के नियम
- Award की execution से संबंधित प्रक्रिया
- Appeal से जुड़े procedural matters
📌 ये नियम आमतौर पर State Motor Accident Claims Tribunal Rules के नाम से जाने जाते हैं।
📂 Section 176 का व्यावहारिक उपयोग
- हर राज्य में MACT की प्रक्रिया थोड़ी अलग हो सकती है
- Filing, documents, fees आदि इन्हीं Rules से तय होते हैं
- Lawyers और Claimants को संबंधित State Rules का पालन करना अनिवार्य होता है
⚠️ Section 176 का महत्व
- Bare Act और actual practice के बीच bridge का काम करता है
- Procedural delays को कम करता है
- MACT को प्रभावी और functional बनाता है
🔗 Chapter XII में Section 176 की भूमिका
| Section | भूमिका |
| 165–175 | अधिकार, प्रक्रिया और remedies |
| 176 | Rules बनाने की शक्ति |
| पूरा Chapter | Effective implementation |
📝 संक्षेप में (Summary)
| बिंदु | विवरण |
| Chapter | Chapter XII |
| धारा | Section 176 |
| विषय | Power to Make Rules |
| अधिकार | State Government |
| उद्देश्य | Procedural Framework |
⚖️ Legal Disclaimer
यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी विशेष राज्य के MACT Rules या प्रक्रिया से संबंधित सलाह हेतु योग्य अधिवक्ता (Advocate) से परामर्श आवश्यक है।
