धारा 177 – सामान्य दंड (General Penalty)
🚗 Motor Vehicles Act, 1988
Chapter XIII – अपराध, दंड और प्रक्रिया (Offences, Penalties and Procedure)
धारा 177 – सामान्य दंड (General Penalty)
🔹 Section 177 का परिचय
Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 177 (Section 177) एक सामान्य दंड प्रावधान (General Penalty Provision) है।
यह धारा उन परिस्थितियों पर लागू होती है जहाँ अधिनियम या उसके अंतर्गत बनाए गए Rules का उल्लंघन किया गया हो, लेकिन उस उल्लंघन के लिए कोई विशेष दंड (Specific Penalty) निर्धारित न हो।
सरल शब्दों में, Section 177 एक residual penalty section है।
🎯 धारा 177 का उद्देश्य
Section 177 का मुख्य उद्देश्य है:
- कानून में मौजूद gaps को भरना
- यह सुनिश्चित करना कि कोई भी उल्लंघन बिना दंड के न छूटे
- Traffic नियमों के पालन को बढ़ावा देना
⚖️ Section 177 के अंतर्गत दंड (Penalty)
धारा 177 के अनुसार:
- यदि कोई व्यक्ति:
- Motor Vehicles Act या
- उसके अंतर्गत बनाए गए Rules का उल्लंघन करता है,
- और उस उल्लंघन के लिए अलग से दंड निर्धारित नहीं है,
👉 तो वह व्यक्ति दंडनीय (Punishable) होगा।
💰 दंड की मात्रा (Fine Amount)
- पहली बार अपराध:
👉 ₹500 तक का जुर्माना (Fine) - दोबारा या बाद का अपराध:
👉 ₹1,500 तक का जुर्माना
📌 Fine की वास्तविक राशि मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
🚔 Section 177 किन मामलों में लागू होता है?
यह धारा सामान्यतः लागू होती है:
- Minor traffic violations
- Rules की तकनीकी अवहेलना
- ऐसे उल्लंघन जिनके लिए अलग section में punishment नहीं दी गई
उदाहरण के तौर पर:
- वाहन में निर्धारित सूचना न लगाना
- Minor procedural lapse
⚠️ Section 177 का व्यावहारिक महत्व
- Traffic authorities को effective enforcement tool
- छोटे उल्लंघनों पर immediate action
- Drivers को नियमों के प्रति सतर्क रखने में सहायक
🔗 Section 177 और अन्य Penalty Sections का संबंध
| Section 177 | Other Sections |
| General Penalty | Specific Offences |
| Residual provision | Special punishment |
| Minor violations | Serious violations |
📝 संक्षेप में (Summary)
| बिंदु | विवरण |
| Chapter | Chapter XIII |
| धारा | Section 177 |
| विषय | General Penalty |
| दंड | ₹500 / ₹1,500 |
| प्रकृति | Residual Provision |
⚖️ Legal Disclaimer
यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी विशेष उल्लंघन में लागू दंड संबंधित Rules और संशोधनों पर निर्भर कर सकता है। सटीक सलाह हेतु योग्य विधि विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक है।
