धारा 187 🚗 Motor Vehicles Act, 1988

🚗 Motor Vehicles Act, 1988

Chapter XIII – अपराध, दंड और प्रक्रिया

(Offences, Penalties and Procedure)

धारा 187 – दुर्घटना की स्थिति में चालक का कर्तव्य

(Duty of driver in case of accident and injury to a person)

🔹 Section 187 का परिचय

Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 187 (Section 187) उस स्थिति से संबंधित है जब:

  • किसी मोटर वाहन से
  • सड़क दुर्घटना (Accident) होती है, और
  • किसी व्यक्ति को चोट (Injury) या मृत्यु (Death) होती है

👉 इस धारा के तहत चालक (Driver) पर कुछ कानूनी कर्तव्य (Legal Duties) लगाए गए हैं।

🎯 धारा 187 का उद्देश्य

Section 187 का मुख्य उद्देश्य:

  • दुर्घटना के बाद पीड़ित को तुरंत सहायता दिलाना
  • Hit and Run जैसी घटनाओं को रोकना
  • दुर्घटनाओं में मानवीय जिम्मेदारी सुनिश्चित करना

⚖️ Section 187 के अंतर्गत चालक के कर्तव्य

दुर्घटना होने पर चालक का कर्तव्य है कि वह:

  1. वाहन रोके (Stop the vehicle)
  2. घायल व्यक्ति को तुरंत चिकित्सीय सहायता दिलाए
  3. निकटतम पुलिस स्टेशन को सूचना दे
  4. आवश्यक जानकारी (नाम, पता, वाहन विवरण) प्रदान करे

📌 बिना उचित कारण के इन कर्तव्यों से बचना अपराध है।

🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)

  • दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाना
  • घायल को अस्पताल न ले जाना
  • पुलिस को सूचना न देना

💰 दंड का प्रावधान (Penalty under Section 187)

  • पहली बार अपराध:
    👉 ₹500 तक का जुर्माना
  • दूसरी या बाद की बार:
    👉 ₹1,000 तक का जुर्माना

📌 गंभीर मामलों में अन्य आपराधिक धाराएँ भी लग सकती हैं।

🚔 अतिरिक्त कानूनी परिणाम

Section 187 के उल्लंघन पर:

  • Driving Licence suspend हो सकता है
  • अन्य धाराएँ जैसे BNS / IPC लागू हो सकती हैं
  • बीमा दावा (Insurance Claim) प्रभावित हो सकता है

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Chapter Chapter XIII
धारा Section 187
अपराध दुर्घटना के बाद कर्तव्य न निभाना
दोषी वाहन चालक
दंड ₹500 / ₹1,000

⚠️ महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु

दुर्घटना के बाद मदद करना
सिर्फ नैतिक नहीं, कानूनी जिम्मेदारी भी है।

⚖️ Legal Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में निर्णय तथ्यों, परिस्थितियों और न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है।