🔶 Article 49 – राष्ट्रीय धरोहर का संरक्षण
(Article 49 – Protection of Monuments and National Heritage)
Article 49 भारतीय संविधान के भाग IV (Directive Principles of State Policy) के अंतर्गत आता है।
यह अनुच्छेद राज्य को निर्देश देता है कि वह राष्ट्रीय धरोहर, ऐतिहासिक स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण करे।
➡️ यह अनुच्छेद संस्कृति और इतिहास की सुरक्षा और
राष्ट्रीय पहचान बनाए रखने का संवैधानिक आधार है।
🟩 Article 49 का मूल भाव (Simple Meaning)
राज्य का कर्तव्य है कि—
- भारत की राष्ट्रीय धरोहर और पुरातात्विक महत्व वाली जगहों की सुरक्षा करे
- उन्हें
नाश, क्षति या अवैध हस्तक्षेप से बचाए - भविष्य की पीढ़ियों के लिए
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखे
🟦 Article 49 के प्रमुख तत्व
Article 49 मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर केंद्रित है—
1️⃣ ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व की वस्तुएँ और स्मारक
2️⃣ संरक्षण और मरम्मत
3️⃣ सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का संरक्षण
1️⃣ ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व की वस्तुएँ और स्मारक
➡️ राज्य को यह सुनिश्चित करना है कि—
- किले, महल, मंदिर, मस्जिद आदि स्मारक सुरक्षित रहें
- राष्ट्रीय महत्व के स्थल जैसे
- ताजमहल
- अजंता-एलोरा की गुफाएँ
- खजुराहो के मंदिर
➡️ उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैधता बनी रहे।
2️⃣ संरक्षण और मरम्मत
➡️ राज्य कदम उठाएगा—
- स्मारकों की मरम्मत और रखरखाव
- पुरातात्विक स्थलों की अनधिकृत कटाई और नुकसान से रक्षा
3️⃣ सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का संरक्षण
➡️ राष्ट्रीय धरोहर से—
- देश की सांस्कृतिक विविधता और पहचान बनाए रखी जाती है
- पर्यटन और शिक्षा में योगदान मिलता है
- राष्ट्रीय गौरव और इतिहास की समझ बढ़ती है
🟥 न्यायालय की दृष्टि (Judicial Interpretation)
State of West Bengal v. Kesoram Industries (2004)
- पुरातात्विक स्थल और स्मारक
राष्ट्रीय धरोहर का हिस्सा हैं। - Article 49 के तहत उनका संरक्षण करना राज्य का कर्तव्य है।
Taj Mahal & Agra Fort Cases
- सुप्रीम कोर्ट ने स्मारकों की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दिया।
🟦 Article 49 के आधार पर सरकारी पहल और कानून
- Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act, 1958
- Archaeological Survey of India (ASI)
- स्मारकों और धरोहरों की मरम्मत योजनाएँ
- UNESCO World Heritage Sites में संरक्षण



