🚌 Section 38 – Effect of Disqualification Order
📘 Chapter III – Licensing of Conductors
🚌 Section 38 – Effect of Disqualification Order
(अयोग्यता आदेश का प्रभाव)
📜 Section 38 का उद्देश्य
Section 38 यह स्पष्ट करता है कि:
✔️ जब किसी Conductor को
- Disqualified किया जाता है
- या उसका Licence Suspend / Revoke किया जाता है
तो उस आदेश का क्या कानूनी प्रभाव होगा।
इसका उद्देश्य यह है कि:
- Disqualified व्यक्ति दोबारा illegally काम न करे
- Public transport में सुरक्षा और अनुशासन बना रहे
🔶 Section 38 – मुख्य प्रावधान
📌 1. Disqualification का प्रभाव
यदि किसी Conductor के खिलाफ:
- Licence रद्द (Revoked)
- या Licence रखने से अयोग्य (Disqualified)
घोषित किया गया है, तो वह व्यक्ति:
❌ किसी भी Public Transport Vehicle में
❌ Conductor के रूप में कार्य नहीं कर सकता।
📌 2. Licence का स्वतः अमान्य होना
- Disqualification / Revocation के बाद:
✔️ Conductor Licence स्वतः अमान्य (Invalid) हो जाता है - Licence का उपयोग करना:
➡️ कानूनी अपराध माना जाएगा।
📌 3. Disqualification Period
- अयोग्यता:
- Temporary हो सकती है
- या Permanent भी हो सकती है
- Period समाप्त होने के बाद ही:
✔️ नया Licence apply किया जा सकता है
✔️ वह भी Authority की अनुमति से।
📌 4. Order की बाध्यता
- Disqualification Order:
✔️ पूरे क्षेत्र / राज्य में लागू होता है - किसी अन्य RTO से Licence लेना:
❌ प्रतिबंधित होता है।
🆕 Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019 के बाद प्रभाव
| विषय | पहले | 2019 के बाद |
| Enforcement | कमजोर | सख्त |
| Licence misuse | संभव | लगभग असंभव |
| Digital tracking | नहीं | Yes (Parivahan) |
| Inter-state misuse | होता था | रोका गया |
⚖️ Section 38 का कानूनी महत्व
- Disqualification को प्रभावी बनाता है
- Illegal conduct रोकता है
- Passenger safety को मजबूत करता है
- Licensing Authority के आदेश को enforce करता है
