Section 19 – Divorce on Desertion (त्याग / परित्याग के आधार तलाक)
🪔 Hindu Marriage Act, 1955
Section 19 – Divorce on Desertion (त्याग / परित्याग के आधार तलाक)
🔹 Section 19 का परिचय
Hindu Marriage Act, 1955 की धारा 19 (Section 19) उन मामलों से संबंधित है जहाँ पति या पत्नी ने बिना valid reason लंबे समय तक अलग रहना शुरू कर दिया हो (Desertion) और यह तलाक का आधार बन सकता है।
इसे आम भाषा में कहा जा सकता है: पति या पत्नी का बिना अनुमति और उचित कारण के घर छोड़ देना।
🎯 Section 19 का उद्देश्य
- Marriage में नियमित सह-अस्तित्व और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना
- बिना कारण अलग रहने वाले spouse को Divorce का legal ground देना
- जीवनसाथी की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना
⚖️ Section 19 के तहत Divorce का आधार
Marriage तब तलाक के लिए ground बनती है यदि:
- कोई spouse लगातार 2 साल या अधिक समय तक घर छोड़कर अलग रहता है।
- Separation without reasonable cause हो।
- Desertion ऐसा हो कि marriage असहनीय हो जाए।
📌 ध्यान दें:
- Desertion के लिए स्पष्ट समय अवधि (usually 2 years) और प्रमाण जरूरी हैं।
- Temporary या minor disagreements ground नहीं बनते।
- यह contested divorce का आधार है।
🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)
- पति अचानक घर छोड़ देता है और 3 साल से वापस नहीं आता।
- पत्नी किसी अन्य शहर चली जाती है और कोई संपर्क नहीं रखती।
- दोनों परिस्थितियों में Desertion साबित होने पर Divorce granted हो सकता है।
💰 Legal Effect / Remedy
- Divorce legally granted हो सकती है।
- Court के discretion पर maintenance, alimony और child custody तय होती है।
- Desertion का आधार साबित होने पर court legal protection और enforcement दे सकती है।
📝 संक्षेप में (Summary)
| बिंदु | विवरण |
| Section | 19 |
| Topic | Divorce on Desertion |
| अर्थ | त्याग / परित्याग के आधार तलाक |
| आवश्यकता | Continuous desertion 2+ years, बिना उचित कारण |
| Legal Effect | Divorce granted, Maintenance/Child Custody court discretion पर |
⚠️ Important Points
Section 19 सुनिश्चित करता है कि लगातार परित्याग Marriage में legal ground बन सकता है।
Divorce के लिए court में प्रमाण और समय अवधि अनिवार्य हैं।
⚖️ Legal Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में divorce और संबंधित अधिकार court के विवेक और प्रमाणों पर निर्भर करते हैं।
