Section 18 – Divorce on Cruelty (क्रूरता के आधार तलाक)
🪔 Hindu Marriage Act, 1955
Section 18 – Divorce on Cruelty (क्रूरता के आधार तलाक)
🔹 Section 18 का परिचय
Hindu Marriage Act, 1955 की धारा 18 (Section 18) उन मामलों से संबंधित है जहाँ पति या पत्नी के व्यवहार में क्रूरता (Cruelty) होने पर तलाक की मांग की जा सकती है।
इसे आम भाषा में कहा जा सकता है: मानसिक या शारीरिक यातना के कारण तलाक।
🎯 Section 18 का उद्देश्य
- Marriage में मानसिक और शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
- Domestic abuse / torture को कानूनी रूप से रोकना
- पीड़ित spouse को divorce के लिए legal ground देना
⚖️ Section 18 के तहत Divorce का आधार
Marriage तब तलाक के लिए ground बनती है यदि:
- Physical Cruelty (शारीरिक यातना) – मारपीट, चोट, जान से खतरा
- Mental Cruelty (मानसिक यातना) – लगातार अपमान, धमकी, उत्पीड़न
- Cruelty का स्तर इतना हो कि marriage सहनीय न रहे
📌 ध्यान दें:
- Cruelty का प्रमाण होना आवश्यक है।
- Minor या occasional arguments से यह ground नहीं बनती।
- यह contested divorce का आधार है।
🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)
- पति / पत्नी द्वारा बार-बार मारपीट या धमकी देना।
- आर्थिक, मानसिक या भावनात्मक उत्पीड़न करना।
- जीवन असहनीय बना देना, जिससे spouse सहन न कर सके।
💰 Legal Effect / Remedy
- Divorce legally granted हो सकती है।
- Court के discretion पर maintenance, alimony और child custody तय होती है।
- Cruelty का आधार साबित होने पर अतिरिक्त legal protection भी दी जा सकती है।
📝 संक्षेप में (Summary)
| बिंदु | विवरण |
| Section | 18 |
| Topic | Divorce on Cruelty |
| अर्थ | क्रूरता के आधार तलाक |
| आवश्यकता | Mental / Physical Cruelty, सहन न होने योग्य |
| Legal Effect | Divorce granted, Maintenance/Child Custody court discretion पर |
⚠️ Important Points
Section 18 सुनिश्चित करता है कि Marriage में abuse या torture legal ground बन सकता है।
Divorce के लिए साक्ष्य और court verification अनिवार्य हैं।
⚖️ Legal Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में divorce और संबंधित अधिकार court के विवेक और प्रमाणों पर निर्भर करते हैं।
