BNS धारा 5 – कानून के आदेश में किया गया काम

📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)

🧾 Section 5 (धारा 5) – कानून के आदेश में किया गया काम

(Act done by a person bound by law / mistake of fact)

🟢 Section 5 का आसान मतलब:

अगर कोई व्यक्ति कोई काम करता है क्योंकि:

🔹 (1) कानून ने उसे करने का आदेश दिया है

या

🔹 (2) उसे ईमानदारी से (Good Faith) यह विश्वास था कि

कानून ने उसे वह काम करने का अधिकार दिया है

👉 तो वह काम अपराध (Crime) नहीं माना जाएगा ❌

🧠 आम भाषा में समझो:

अगर कोई आदमी कहता है:

“मैंने ये काम इसलिए किया क्योंकि कानून ने मुझे ऐसा करने को कहा था”
या
“मुझे सच्चे दिल से लगा कि कानून मुझे ऐसा करने की इजाज़त देता है”

और वह बात सच और ईमानदार नीयत (Good Faith) में है
👉 तो उसे अपराधी नहीं माना जाएगा।

📌 Simple Examples:

Example 1:

पुलिस किसी अपराधी को पकड़ती है
👉 हाथकड़ी लगाती है
👉 ज़बरदस्ती ले जाती है

➡️ ये अपराध नहीं है
क्योंकि पुलिस कानून के आदेश से कर रही है।

Example 2:

कोर्ट का आदेश है:

“इस मकान को सील करो”

सरकारी अधिकारी मकान सील करता है
➡️ यह अपराध नहीं है
क्योंकि यह कानूनी आदेश (Legal Order) है।

Example 3:

कोई अधिकारी किसी कानून को गलत समझकर
ईमानदारी से कोई काम कर देता है
👉 नीयत गलत नहीं थी
👉 धोखा नहीं था

➡️ तब भी अपराध नहीं माना जाएगा
अगर Good Faith साबित हो।

🚫 लेकिन ध्यान रखने वाली बात:

अगर कोई कहे:

“मुझे लगा ये कानूनन सही है”

लेकिन असल में:

  • नीयत गलत थी ❌
  • धोखा देने का इरादा था ❌
  • फायदा उठाने की सोच थी ❌

👉 तो Section 5 की सुरक्षा नहीं मिलेगी
और अपराध माना जाएगा ✅

⚖️ दंड (Punishment) की स्थिति:

इस धारा में कोई दंड (Punishment) नहीं है
क्योंकि यह धारा सुरक्षा (Protection Clause) है
👉 यह बताती है कि कौन सा काम अपराध नहीं माना जाएगा।