धारा 206 Motor Vehicles Act, 1988
🚗 Motor Vehicles Act, 1988
Chapter XIII – अपराध, दंड और प्रक्रिया
(Offences, Penalties and Procedure)
धारा 206 – यातायात नियमों का उल्लंघन (Traffic violations)
(Violation of traffic regulations / Rules breach)
🔹 Section 206 का परिचय
Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 206 (Section 206) उन मामलों से संबंधित है जहाँ कोई व्यक्ति:
- सार्वजनिक सड़क पर वाहन चलाते समय
- Traffic Rules या Regulations का उल्लंघन करता है।
👉 यह धारा सामान्य Traffic Offences को कवर करती है।
🎯 धारा 206 का उद्देश्य
Section 206 का उद्देश्य:
- सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना
- Traffic नियमों का पालन कराना
- दुर्घटनाओं और जोखिमों को रोकना
⚖️ Section 206 के अंतर्गत अपराध
यदि कोई व्यक्ति:
- लाल बत्ती (Red Signal) पार करता है
- Wrong Side, Wrong Lane में वाहन चलाता है
- Speed Limit या One-way Traffic नियमों का उल्लंघन करता है
- अन्य Traffic Signs का उल्लंघन करता है
👉 तो वह धारा 206 के तहत अपराधी माना जाएगा।
📌 चालक और वाहन मालिक दोनों जिम्मेदार हो सकते हैं, अगर उल्लंघन जानबूझकर किया गया हो।
🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)
- लाल बत्ती तोड़ना
- ट्रैफिक सिग्नल और रोड साइनेज का उल्लंघन
- ओवरटेकिंग या Wrong Lane में वाहन चलाना
💰 दंड का प्रावधान (Penalty under Section 206)
- ₹1,000 तक का जुर्माना (Minor offences)
- Vehicle Seizure अगर बार-बार उल्लंघन हो
- गंभीर उल्लंघन पर 6 महीने तक कारावास
📌 जुर्माना राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकृत अधिकारी द्वारा तय किया जा सकता है।
🚔 अतिरिक्त कानूनी परिणाम
Section 206 के उल्लंघन पर:
- चालान (Challan)
- वाहन जब्ती / रोक
- Driving Licence पर नोटिस / पॉइंट डिडक्शन
📝 संक्षेप में (Summary)
| बिंदु | विवरण |
| Chapter | Chapter XIII |
| धारा | Section 206 |
| अपराध | Traffic rules violation |
| दोषी | वाहन चालक / वाहन मालिक |
| दंड | ₹1,000 / Vehicle Seizure / 6 माह जेल |
⚠️ महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु
Traffic नियमों का उल्लंघन केवल जुर्माना नहीं बल्कि
सड़क सुरक्षा के लिए सिग्नल अलार्म माना जाता है।
⚖️ Legal Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में दंड न्यायालय के विवेक, उल्लंघन की गंभीरता और राज्य नियमों पर निर्भर करता है।
