धारा 205 🚗 Motor Vehicles Act, 1988

🚗 Motor Vehicles Act, 1988

Chapter XIII – अपराध, दंड और प्रक्रिया

(Offences, Penalties and Procedure)

धारा 205 – शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना

(Driving under the influence of alcohol or drugs / Drunken driving)

🔹 Section 205 का परिचय

Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 205 (Section 205) उन मामलों से संबंधित है जहाँ कोई व्यक्ति:

  • वाहन चलाता है
  • शराब (Alcohol) या नशीले पदार्थ (Drugs / Intoxicants) के प्रभाव में
  • सार्वजनिक सड़क पर

👉 इसे आमतौर पर Drunken or Intoxicated Driving कहा जाता है।

🎯 धारा 205 का उद्देश्य

Section 205 का उद्देश्य:

  • सड़क दुर्घटना और जान-माल के नुकसान को रोकना
  • शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाने से बचाना
  • सार्वजनिक और व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करना

⚖️ Section 205 के अंतर्गत अपराध

यदि कोई व्यक्ति:

  • शराब या नशीले पदार्थ का सेवन करके वाहन चलाता है
  • Blood Alcohol Content (BAC) लिमिट से अधिक है
  • Traffic नियमों का उल्लंघन करता है

👉 तो वह धारा 205 के तहत अपराधी माना जाएगा।

📌 चालक की लापरवाही के कारण किसी दुर्घटना में अन्य वाहन मालिक और यात्री भी प्रभावित हो सकते हैं।

🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)

  • शराब पीकर कार या बाइक चलाना
  • नशीले पदार्थ (Drugs / Intoxicants) के प्रभाव में वाहन चलाना
  • High-speed drunk driving करना

💰 दंड का प्रावधान (Penalty under Section 205)

  • ₹10,000 तक का जुर्माना
  • या 6 महीने तक कारावास,
  • या दोनों
  • बार-बार उल्लंघन पर दंड और कारावास बढ़ सकता है

📌 वाहन जब्ती (Vehicle Seizure) संभव है।

🚔 अतिरिक्त कानूनी परिणाम

Section 205 के उल्लंघन पर:

  • Driver License निलंबन या रद्द
  • Insurance Claim रद्द हो सकता है
  • दुर्घटना होने पर आपराधिक मामला भी बन सकता है

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Chapter Chapter XIII
धारा Section 205
अपराध Drunken / Intoxicated Driving
दोषी वाहन चालक
दंड ₹10,000 / 6 माह जेल / Vehicle Seizure

⚠️ महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु

शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना
सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं,
बल्कि जानमाल के लिए गंभीर अपराध है।

⚖️ Legal Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में दंड न्यायालय के विवेक, शराब की मात्रा, दुर्घटना की गंभीरता और राज्य नियमों पर निर्भर करता है।