धारा 190 🚗 Motor Vehicles Act, 1988
🚗 Motor Vehicles Act, 1988
Chapter XIII – अपराध, दंड और प्रक्रिया
(Offences, Penalties and Procedure)
धारा 190 – असुरक्षित स्थिति में वाहन का उपयोग
(Using vehicle in unsafe condition)
🔹 Section 190 का परिचय
Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 190 (Section 190) उन मामलों से संबंधित है जहाँ कोई व्यक्ति:
- ऐसे मोटर वाहन का उपयोग करता है
- जो सुरक्षित स्थिति (Safe Condition) में नहीं है
- और जिससे मानव जीवन या संपत्ति को खतरा हो सकता है
👉 यह धारा road worthiness और vehicle fitness पर ज़ोर देती है।
🎯 धारा 190 का उद्देश्य
Section 190 का उद्देश्य:
- सड़क पर तकनीकी रूप से असुरक्षित वाहनों को रोकना
- दुर्घटनाओं में कमी लाना
- वाहनों की नियमित जांच (Fitness) को अनिवार्य बनाना
⚖️ Section 190 के अंतर्गत अपराध
यदि कोई व्यक्ति:
- ब्रेक, टायर, लाइट या स्टेयरिंग खराब होने के बावजूद
- वाहन चलाता है
- या वाहन में ऐसा दोष (Defect) है जिससे खतरा उत्पन्न हो
👉 तो वह धारा 190 के तहत अपराधी माना जाएगा।
📌 दुर्घटना होना आवश्यक नहीं, खतरे की संभावना पर्याप्त है।
🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)
- खराब ब्रेक या टायर के साथ वाहन चलाना
- बिना लाइट या इंडिकेटर के वाहन चलाना
- ओवरलोडेड या संरचनात्मक रूप से क्षतिग्रस्त वाहन
- प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाला वाहन
💰 दंड का प्रावधान (Penalty under Section 190)
🔹 पहली बार अपराध
- ₹1,000 तक का जुर्माना
🔹 दूसरी या बाद की बार
- ₹2,000 तक का जुर्माना
📌 गंभीर मामलों में वाहन जब्त (Seized) किया जा सकता है।
🚔 अतिरिक्त कानूनी परिणाम
Section 190 के उल्लंघन पर:
- वाहन की फिटनेस सर्टिफिकेट रद्द
- ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई
- अन्य धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं
📝 संक्षेप में (Summary)
| बिंदु | विवरण |
| Chapter | Chapter XIII |
| धारा | Section 190 |
| अपराध | Unsafe Vehicle Use |
| दोषी | वाहन चालक / मालिक |
| दंड | ₹1,000 / ₹2,000 |
⚠️ महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु
वाहन की सुरक्षा स्थिति बनाए रखना
सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, मालिक की भी जिम्मेदारी है।
⚖️ Legal Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में दंड वाहन की स्थिति, खतरे की गंभीरता और न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है।
