धारा 185 नशे की हालत में वाहन चलाना
🚗 Motor Vehicles Act, 1988
Chapter XIII – अपराध, दंड और प्रक्रिया
(Offences, Penalties and Procedure)
धारा 185 – नशे की हालत में वाहन चलाना
(Driving by a Drunken Person or under the Influence of Drugs)
🔹 Section 185 का परिचय
Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 185 (Section 185) उन मामलों से संबंधित है जहाँ कोई व्यक्ति:
- शराब (Alcohol) के नशे में
- या किसी नशीले पदार्थ (Drug) के प्रभाव में
- मोटर वाहन चलाता है
👉 इसे Drunken Driving या Driving under Influence (DUI) कहा जाता है।
🎯 धारा 185 का उद्देश्य
Section 185 का मुख्य उद्देश्य:
- सड़क दुर्घटनाओं को रोकना
- नशे में ड्राइविंग पर सख्त नियंत्रण
- सार्वजनिक सुरक्षा (Public Safety) सुनिश्चित करना
⚖️ Section 185 के अंतर्गत अपराध
निम्नलिखित स्थितियों में धारा 185 लागू होती है:
- चालक के रक्त (Blood) में
30 mg प्रति 100 ml से अधिक Alcohol पाया जाना - या Breath Analyser Test में निर्धारित सीमा से अधिक
- नशीले पदार्थ (Drug) के प्रभाव में वाहन चलाना
📌 मेडिकल टेस्ट या Breath Test से प्रमाणित होना आवश्यक है।
🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)
- शराब पीकर कार या बाइक चलाना
- पार्टी के बाद नशे में वाहन चलाना
- ड्रग्स के प्रभाव में ड्राइविंग करना
💰 दंड का प्रावधान (Penalty under Section 185)
🔹 पहली बार अपराध (First Offence)
- ₹10,000 तक का जुर्माना
- 6 महीने तक कारावास,
- या दोनों
🔹 दूसरी बार या पुनरावृत्ति (Within 3 years)
- ₹15,000 तक का जुर्माना
- 2 वर्ष तक कारावास,
- या दोनों
📌 Driving Licence suspend या cancel किया जा सकता है।
🚔 अतिरिक्त कानूनी परिणाम
Section 185 के उल्लंघन पर:
- वाहन जब्ती (Vehicle Seizure)
- बीमा दावा (Insurance Claim) अस्वीकार
- अन्य आपराधिक धाराएँ भी लग सकती हैं
📝 संक्षेप में (Summary)
| बिंदु | विवरण |
| Chapter | Chapter XIII |
| धारा | Section 185 |
| अपराध | Drunken Driving |
| दोषी | वाहन चालक |
| दंड | ₹10,000–₹15,000 / जेल |
⚠️ महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु
“थोड़ी सी शराब” भी कानूनन अपराध है
यदि निर्धारित सीमा से अधिक हो।
⚖️ Legal Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी के उद्देश्य से है। वास्तविक मामलों में दंड न्यायालय के विवेक, साक्ष्य और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
