धारा 166 – मुआवजे के लिए आवेदन (Application for Compensation)

🚗 Motor Vehicles Act, 1988

Chapter XII – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal)

धारा 166 – मुआवजे के लिए आवेदन (Application for Compensation)

🔹 Section 166 का परिचय

Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 166 (Section 166) के अंतर्गत सड़क दुर्घटना (Motor Vehicle Accident) में मृत्यु, शारीरिक चोट या संपत्ति को नुकसान होने पर पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रित (Legal Representatives) Motor Accident Claims Tribunal (MACT) के समक्ष Compensation Claim दायर कर सकते हैं।

यह धारा Chapter XII का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान मानी जाती है, क्योंकि यहीं से claim case की शुरुआत होती है।

🎯 धारा 166 का उद्देश्य

Section 166 का मुख्य उद्देश्य है:

  • Accident victims को कानूनी अधिकार देना
  • मुआवजा प्राप्त करने के लिए सरल और प्रभावी प्रक्रिया उपलब्ध कराना
  • Insurance Company, Vehicle Owner और Driver की जिम्मेदारी तय करना

👤 कौन व्यक्ति दावा (Claim) दायर कर सकता है?

धारा 166 के अनुसार, निम्न व्यक्ति MACT में आवेदन कर सकते हैं:

  1. घायल व्यक्ति (Injured Person)
  2. मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Representatives)
  3. वाहन का मालिक (Owner of the Property) – यदि संपत्ति को नुकसान हुआ हो
  4. अधिकृत एजेंट (Authorized Agent)

📌 मृत्यु के मामलों में, dependents का claim सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।

📝 Compensation Claim किसके खिलाफ दायर किया जा सकता है?

Section 166 के अंतर्गत दावा निम्न के विरुद्ध किया जा सकता है:

  • वाहन का Driver
  • वाहन का Owner
  • संबंधित Insurance Company

👉 आमतौर पर तीनों को Respondents बनाया जाता है।

📍 Claim कहाँ दायर किया जा सकता है? (Jurisdiction)

धारा 166 के अनुसार आवेदन निम्न स्थानों पर दायर किया जा सकता है:

  • जहाँ दुर्घटना (Accident) हुई हो
  • जहाँ Claimant रहता हो
  • जहाँ वाहन का Owner या Insurance Company स्थित हो

यह प्रावधान पीड़ित को सुविधा (Convenience of Claimant) देने के लिए बनाया गया है।

⏱️ Limitation Period (समय-सीमा)

पहले Section 166 में Limitation Period निर्धारित थी,
लेकिन वर्तमान कानून के अनुसार:

👉 Claim Petition दायर करने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है,
फिर भी बिना अनावश्यक देरी (Without Unreasonable Delay) claim दायर करना उचित माना जाता है।

📂 Compensation किन आधारों पर दिया जाता है?

MACT निम्न आधारों पर मुआवजा तय करता है:

  • Injury की प्रकृति (Nature of Injury)
  • आयु (Age of Victim)
  • आय (Income)
  • स्थायी विकलांगता (Permanent Disability)
  • मृत्यु के मामलों में:
    • Dependency
    • Future Prospects
    • Loss of Consortium
    • Medical Expenses, Funeral Expenses आदि

️ Section 166 और Fault Liability

Section 166 Fault Liability पर आधारित है, अर्थात:

  • Claimant को यह सिद्ध करना होता है कि
    • दुर्घटना लापरवाही (Negligence) के कारण हुई

📌 यह Section 163A (No Fault Liability) से अलग है।

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Chapter Chapter XII
धारा Section 166
विषय Application for Compensation
फोरम Motor Accident Claims Tribunal (MACT)
Liability Fault Liability
Claimant Injured / Legal Representatives

️ Legal Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। किसी विशेष मोटर दुर्घटना मामले में कानूनी सलाह (Legal Advice) हेतु योग्य अधिवक्ता (Advocate) से परामर्श आवश्यक है।