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गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट हिरासत में भेजने की प्रक्रिया

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 58

गिरफ्तार व्यक्ति की मजिस्ट्रेट हिरासत में रखी जाने की प्रक्रिया (Remand of Arrested Person to Judicial Custody)

1. धारा 58 CrPC क्या है?

धारा 58 यह प्रावधान करती है कि जब कोई व्यक्ति पुलिस हिरासत से मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट निर्णय ले सकता है कि आरोपी को पुलिस हिरासत में रखा जाए या सीधे जेल/न्यायिक हिरासत में भेजा जाए।

इसका उद्देश्य है कि गिरफ्तारी के बाद न्यायिक निगरानी सुनिश्चित की जाए और हिरासत का दुरुपयोग न हो।

2. मजिस्ट्रेट की शक्ति

धारा 58 के अनुसार मजिस्ट्रेट:

3. हिरासत के नियम

4. धारा 58 का उद्देश्य

5. संवैधानिक महत्व

धारा 58 अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22 से संबंधित है:

6. न्यायालय के दिशानिर्देश

D.K. Basu v. State of West Bengal

7. महत्वपूर्ण बातें

इस प्रकार धारा 58 CrPC यह सुनिश्चित करती है कि गिरफ्तार व्यक्ति न्यायिक निगरानी में सुरक्षित हिरासत में रहे और पुलिस हिरासत का अनावश्यक दुरुपयोग न हो। ⚖️

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