🔶 अनुच्छेद 24 — बाल श्रम का निषेध
(Article 24 – Prohibition of Employment of Children)
अनुच्छेद 24 भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार है, जिसका उद्देश्य बच्चों को शोषण, खतरनाक काम और मजदूरी से बचाना है। इसमें बच्चों की सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की गारंटी शामिल है।
🟩 अनुच्छेद 24 का मुख्य प्रावधान
➡️ 14 वर्ष से कम आयु का कोई भी बच्चा
किसी कारखाने, खान (mine) या
अन्य किसी खतरनाक कार्यस्थल (hazardous employment) में
नियोजित नहीं किया जाएगा।
शुरुआती बिंदु
- यह धारा मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है।
- यह सभी बच्चों (citizens + non-citizens) पर लागू होती है।
- यह बच्चों को उद्योगों, कारखानों, खदानों आदि में काम करने से रोकती है जहाँ काम खतरनाक हो सकता है।
🟧 अनुच्छेद 24 का उद्देश्य
- बच्चों को खतरनाक कार्यों से बचाना
- शोषण, चोट, दुर्घटना और भौतिक/मानसिक क्षति से संरक्षण
- बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन प्रदान करना
- भविष्य की पीढ़ी के विकास को सुनिश्चित करना
🟦 कौन–कौन से काम “खतरनाक” माने जाते हैं? (Hazardous Jobs)
कानून के अनुसार ऐसे कार्य खतरनाक माने जाते हैं जिनमें—
- हानिकारक रसायन
- भारी मशीनरी
- उच्च तापमान
- कोयला/खनन
- आतिशबाज़ी उद्योग
- बीड़ी उद्योग
- ईंट भट्टे
- मत्स्य उद्योग
- इलेक्ट्रॉनिक/बैटरी कचरा
शामिल हों।
🟥 अनुच्छेद 24 + Child Labour (Prohibition and Regulation) Act, 1986
अनुच्छेद 24 को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने
बच्चों के श्रम पर रोक लगाने और काम की शर्तें तय करने के लिए
यह कानून बनाया।
महत्वपूर्ण संशोधन : Child Labour Amendment Act, 2016
इस संशोधन के अनुसार—
✔ 14 वर्ष से कम आयु
➡️ किसी भी प्रकार के काम में पूर्ण प्रतिबंध,
सिवाय
- परिवार आधारित काम (after school hours)
- कला, खेल, अभिनय आदि में (केवल गैर-खतरनाक कार्य)
✔ 14–18 वर्ष के किशोर (Adolescents)
➡️ खतरनाक कार्यों में काम नहीं कर सकते।
✔ खतरनाक कार्यों की सूची केंद्र सरकार समय-समय पर तय करेगी।
🟩 संबंधित कानून (Related Laws providing protection)
✔ RTE Act, 2009
6–14 वर्ष की आयु के बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा
→ इसलिए काम करने की बजाय स्कूल जाना अनिवार्य है।
✔ Juvenile Justice Act
बच्चों के शोषण, तस्करी, दुर्व्यवहार पर कठोर दंड।
✔ Bonded Labour Act, 1976
बंधुआ मजदूरी का पूर्ण उन्मूलन।
🟦 अनुच्छेद 24 — दंड (Penalties)
बाल श्रम कानूनों के उल्लंघन पर कड़े दंड निर्धारित किए गए हैं:
- 6 महीने से 2 वर्ष तक की जेल
- 20,000 से 50,000 रुपये तक जुर्माना
- दोनों दंड भी दिए जा सकते हैं
2016 संशोधन में दंड और भी कठोर किए गए।
🟩 अनुच्छेद 24 — मुख्य विशेषताएँ
- बच्चों के शोषण को रोकने वाला महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार
- खतरनाक कार्यों में बाल-श्रम पूरी तरह प्रतिबंधित
- 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर लागू
- सभी व्यक्तियों (नागरिक + विदेशी) पर लागू
- शिक्षा और सुरक्षित बचपन को बढ़ावा देता
- कानून का उल्लंघन करने वालों को कठोर सजा
