(Article 42 – Provision for Just and Humane Conditions of Work and Maternity Relief)
Article 42 भारतीय संविधान के भाग IV (Directive Principles of State Policy) के अंतर्गत आता है।
यह अनुच्छेद राज्य को निर्देश देता है कि वह—
- श्रमिकों के लिए न्यायसंगत और मानवीय कार्य–परिस्थितियाँ सुनिश्चित करे
- महिलाओं के लिए मातृत्व राहत (Maternity Relief) प्रदान करे
➡️ यह अनुच्छेद श्रमिक कल्याण और महिला संरक्षण का संवैधानिक आधार है।
🟩 Article 42 का उद्देश्य
- श्रमिकों की गरिमा की रक्षा
- महिला श्रमिकों को सुरक्षा और सम्मान
- औद्योगिक शोषण को रोकना
- मानव-केंद्रित श्रम व्यवस्था
🟩 Article 42 का मूल भाव (Simple Meaning)
राज्य का कर्तव्य है कि—
- श्रमिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और मानवीय कार्य वातावरण मिले
- महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के समय
विशेष संरक्षण और राहत मिले
🟦 Article 42 के दो मुख्य तत्व
Article 42 मुख्य रूप से दो विषयों पर केंद्रित है—
1️⃣ काम की मानवीय परिस्थितियाँ
2️⃣ मातृत्व राहत
अब इन्हें विस्तार से समझते हैं 👇
🟧 1️⃣ काम की मानवीय परिस्थितियाँ (Humane Conditions of Work)
➡️ राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि—
- कार्यस्थल पर सुरक्षा हो
- कार्य-घंटे अत्यधिक लंबे या अमानवीय न हों
- श्रमिकों का शारीरिक और मानसिक शोषण न हो
इसमें शामिल हैं:
- सुरक्षित मशीनें और उपकरण
- स्वास्थ्य और स्वच्छता
- विश्राम और अवकाश
- उचित मजदूरी
🟧 2️⃣ मातृत्व राहत (Maternity Relief)
➡️ राज्य महिलाओं को—
- गर्भावस्था के दौरान
- प्रसव के समय
- प्रसव के बाद
विशेष छुट्टी, वेतन और चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।
उद्देश्य:
- माँ और बच्चे का स्वास्थ्य
- कार्यस्थल पर लैंगिक समानता
- महिला श्रमिकों का संरक्षण
🟥 न्यायालय की व्याख्या (Judicial Interpretation)
Municipal Corporation of Delhi v. Female Workers (2000)
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा—
मातृत्व राहत महिला का संवैधानिक अधिकार है
और यह Article 42 से प्रेरित है।
🟦 Article 42 के आधार पर बने कानून
Article 42 के परिणामस्वरूप—
- Maternity Benefit Act, 1961
- Factories Act, 1948
- Employees State Insurance Act (ESI)
- Minimum Wages Act
