Site icon KANOON KAVACH

धारा 171 – मुआवजे पर ब्याज देने की शक्ति (Award of Interest)

🚗 Motor Vehicles Act, 1988

Chapter XII – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal)

धारा 171 – मुआवजे पर ब्याज देने की शक्ति (Award of Interest)

🔹 Section 171 का परिचय

Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 171 (Section 171) के अंतर्गत Motor Accident Claims Tribunal (MACT) को यह अधिकार दिया गया है कि वह मुआवजे (Compensation) की राशि पर ब्याज (Interest) देने का आदेश पारित कर सके।

यह प्रावधान इस सिद्धांत पर आधारित है कि दुर्घटना पीड़ित को देरी के कारण हुए नुकसान (Delay in Payment) की भरपाई भी मिलनी चाहिए।

🎯 धारा 171 का उद्देश्य

Section 171 का मुख्य उद्देश्य है:

⚖️ ब्याज देने का अधिकार (Power of Tribunal)

धारा 171 के अनुसार:

👉 ब्याज की दर (Rate of Interest) कानून में तय नहीं है,
इसे अधिकरण मामले की परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित करता है।

⏱️ ब्याज कब से दिया जाता है? (From Which Date)

आमतौर पर MACT ब्याज देता है:

📌 कुछ विशेष मामलों में Tribunal अलग तारीख भी निर्धारित कर सकता है।

💰 ब्याज किसे देना होता है?

⚠️ Section 171 का व्यावहारिक महत्व

🔗 Section 168 और Section 171 का संबंध

Section 168 Section 171
Award of Compensation Award of Interest
मूल मुआवजा राशि ब्याज का आदेश
Liability निर्धारण Delay compensation

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Chapter Chapter XII
धारा Section 171
विषय Award of Interest
अधिकार MACT का विवेकाधिकार
अवधि Filing से Payment तक

⚖️ Legal Disclaimer

यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी विशेष MACT मामले में ब्याज की दर या अवधि से संबंधित सलाह हेतु योग्य अधिवक्ता (Advocate) से परामर्श आवश्यक है।

Exit mobile version