पारिवारिक या जमानतदार के आश्वासन पर जमानत

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 80

आरोपी के पारिवारिक या सामाजिक आश्वासन पर जमानत (Bail on Personal or Surety Guarantee)

1. धारा 80 CrPC क्या है?

धारा 80 यह प्रावधान करती है कि जब कोई आरोपी जमानत के लिए आवेदन करता है, तो मजिस्ट्रेट पारिवारिक या सामाजिक आश्वासन के आधार पर जमानत दे सकता है।

इसका उद्देश्य है कि जमानत प्रक्रिया कानूनी, पारदर्शी और न्यायिक निगरानी में हो।

2. मजिस्ट्रेट की शक्ति

  • मजिस्ट्रेट आरोपी को परिवार या समाज के किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति की गारंटी पर जमानत दे सकता है।
  • गारंटी केवल सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए मान्य होगी।
  • मजिस्ट्रेट आरोपी के मानव अधिकार और सुरक्षा का ध्यान रखेगा।

3. नियम और शर्तें

  • गारंटी देने वाला व्यक्ति विश्वसनीय और जिम्मेदार होना चाहिए।
  • महिला और नाबालिग की जमानत में विशेष सुरक्षा और निगरानी हो।
  • आरोपी को जमानत के दौरान जमानत शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।

4. धारा 80 का उद्देश्य

  • जमानत प्रक्रिया को मानव अधिकार-सुरक्षित और न्यायिक निगरानी वाली बनाना
  • पारिवारिक या सामाजिक गारंटी के माध्यम से सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना
  • मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी और न्यायिक नियंत्रण बनाए रखना

5. संवैधानिक महत्व

धारा 80 अनुच्छेद 21 और 22 से संबंधित है:

  • अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा
  • अनुच्छेद 22: जमानत और न्याय सुनिश्चित करना

6. न्यायालय के दिशानिर्देश

Hussainara Khatoon v. State of Bihar