📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)
🧾 Section 12 (धारा 12) – नाबालिग द्वारा किया गया कार्य
(Act of a child / Act of a person of immature understanding)
🟢 Section 12 का आसान मतलब:
अगर कोई काम ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया हो:
✔️ जो बच्चा (Child / Minor) हो
✔️ जिसकी समझ पूरी तरह विकसित न हुई हो
✔️ जिसे अच्छे-बुरे की सही समझ न हो
✔️ जो अपने काम के परिणाम (Consequences) न समझता हो
👉 तो उस काम को वैसे अपराध की तरह नहीं देखा जाएगा
जैसे किसी समझदार बड़े व्यक्ति के काम को देखा जाता है।
🧠 आम भाषा में समझो:
अगर कोई बच्चा कोई गलत काम कर दे
और वो बच्चा:
- समझदार नहीं है ❌
- सही-गलत नहीं समझता ❌
- परिणाम नहीं जानता ❌
- मासूमियत में कर बैठा ❌
👉 तो उसे सीधे अपराधी नहीं माना जाएगा।
📌 Simple Examples:
✅ Example 1:
छोटा बच्चा खेल-खेल में कोई चीज़ तोड़ देता है
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा
✅ Example 2:
बच्चा किसी को धक्का दे देता है
➡️ जानबूझकर नहीं
➡️ समझ नहीं थी
➡️ अपराध नहीं
✅ Example 3:
नासमझ बच्चा कोई नुकसान कर देता है
➡️ उसकी मानसिक समझ नहीं थी
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा
🚫 लेकिन ध्यान रखने वाली बात:
अगर व्यक्ति:
- उम्र में बच्चा हो ❌
- लेकिन पूरी समझ रखता हो ❌
- सोच-समझकर किया हो ❌
- जानबूझकर नुकसान किया हो ❌
👉 तो Section 12 की सुरक्षा नहीं मिलेगी ❌
और कानून उस पर लागू होगा ✅
⚖️ दंड (Punishment) की स्थिति:
❌ इस धारा में कोई दंड (Punishment) नहीं है
क्योंकि यह भी एक Protection Section है
👉 यह बच्चों और नासमझ व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए है।