BNS धारा 14 – नशे में किया गया कार्य

📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)

🧾 Section 14 (धारा 14) – नशे में किया गया कार्य

(Act of a person incapable of judgment by reason of intoxication)

🟢 Section 14 का आसान मतलब:

अगर कोई व्यक्ति कोई काम करता है और वह व्यक्ति:

✔️ नशे में है (Intoxicated)
✔️ उसे सही-गलत की समझ नहीं है
✔️ अपने काम का परिणाम नहीं समझ पा रहा
✔️ मानसिक संतुलन उस समय ठीक नहीं था

👉 तो उसके उस काम को वैसे अपराध की तरह नहीं देखा जाएगा
जैसे किसी पूरी तरह होश में व्यक्ति के काम को देखा जाता है।

🧠 आम भाषा में समझो:

अगर कोई आदमी नशे में है
और उसे पता ही नहीं कि वो क्या कर रहा है,

👉 तो कानून उसे साधारण अपराधी की तरह नहीं देखता
(अगर नशा जानबूझकर अपराध करने के लिए नहीं किया गया हो)

📌 Simple Examples:

Example 1:

कोई व्यक्ति नशे में गिरकर किसी चीज़ को तोड़ देता है
➡️ जानबूझकर नहीं
➡️ समझ नहीं थी
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा

Example 2:

नशे में व्यक्ति किसी को धक्का दे देता है
➡️ इरादा नहीं था
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा

Example 3:

नशे की हालत में कोई गलती हो जाती है
➡️ बिना criminal intent
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा

🚫 लेकिन ध्यान रखने वाली बात:

अगर व्यक्ति:

  • जानबूझकर नशा करता है ❌
  • अपराध करने के लिए नशा करता है ❌
  • होश में रहते अपराध की योजना बनाता है ❌
  • नशे को बहाना बनाता है ❌

👉 तो Section 14 की सुरक्षा नहीं मिलेगी
और वह अपराधी माना जाएगा

⚖️ दंड (Punishment) की स्थिति:

इस धारा में कोई दंड (Punishment) नहीं है
क्योंकि यह भी एक Protection Section है
👉 यह बताती है कि किन स्थितियों में व्यक्ति को अपराधी नहीं माना जाएगा।