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BNS धारा 15 – तथ्य की भूल

📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)

🧾 Section 15 (धारा 15) – तथ्य की भूल (Mistake of Fact)

(Act done by a person by reason of mistake of fact in good faith)

🟢 Section 15 का आसान मतलब:

अगर कोई व्यक्ति कोई काम करता है और वह काम:

✔️ तथ्य की गलती (Mistake of Fact) के कारण हुआ हो
✔️ ईमानदारी से (Good Faith) किया गया हो
✔️ धोखा देने की नीयत न हो
✔️ अपराध करने का इरादा न हो

👉 तो वह काम अपराध नहीं माना जाएगा

🧠 आम भाषा में समझो:

अगर किसी ने कुछ किया क्योंकि उसे गलत जानकारी थी,
और उसने वो काम सच्ची नीयत से किया,

👉 तो कानून उसे अपराधी नहीं बनाता।

📌 Simple Examples:

Example 1:

किसी व्यक्ति को लगता है कि सामने वाला चोर है
और वह उसे पकड़ लेता है
➡️ बाद में पता चलता है कि वो चोर नहीं था
➡️ लेकिन नीयत सही थी
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा

Example 2:

किसी ने गलतफहमी में किसी की संपत्ति उठा ली
यह सोचकर कि वो उसकी अपनी है
➡️ नीयत चोरी की नहीं थी
➡️ अपराध नहीं

Example 3:

कोई व्यक्ति सोचता है कि कानून ने उसे अधिकार दिया है
(गलतफहमी में)
और वह काम कर देता है
➡️ अगर नीयत सही है
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा

🚫 लेकिन ध्यान रखने वाली बात:

अगर:

👉 तो Section 15 लागू नहीं होगा
और व्यक्ति अपराधी माना जाएगा

🧠 बहुत ज़रूरी बात:

Mistake of Fact = सुरक्षा मिलती है

Mistake of Law = सुरक्षा नहीं मिलती

मतलब:

⚖️ दंड (Punishment) की स्थिति:

इस धारा में कोई दंड (Punishment) नहीं है
क्योंकि यह भी एक Protection Section है
👉 यह innocent लोगों को criminal बनने से बचाती है।

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