BNS धारा 21 – अपराध की तैयारी
📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)
🧾 Section 21 (धारा 21) – अपराध की तैयारी
(Preparation to Commit an Offence)
🟢 Section 21 का आसान मतलब:
अगर कोई व्यक्ति:
✔️ अपराध करने का इरादा रखता है
✔️ अपराध के लिए तैयारी (Preparation) करता है
✔️ साधन इकट्ठा करता है
✔️ प्लान बनाता है
✔️ लेकिन अभी तक कोशिश (Attempt) नहीं करता
👉 तो सिर्फ तैयारी से हर बार अपराध नहीं बनता ❌
(कुछ गंभीर अपराधों को छोड़कर)
🧠 आम भाषा में समझो:
सोचना + प्लान बनाना + सामान इकट्ठा करना
➡️ ये तैयारी (Preparation) है
लेकिन जब तक:
❌ ताला नहीं तोड़ा
❌ हमला नहीं किया
❌ ज़हर नहीं दिया
❌ गोली नहीं चलाई
👉 तब तक कोशिश (Attempt) नहीं मानी जाती।
📌 Simple Examples:
❌ Example 1 (अपराध नहीं):
किसी ने चोरी का प्लान बनाया
औज़ार खरीद लिए
लेकिन चोरी करने गया ही नहीं
➡️ सिर्फ तैयारी
➡️ अपराध नहीं
❌ Example 2:
किसी ने किसी को मारने की सोच बनाई
हथियार खरीदा
लेकिन हमला नहीं किया
➡️ सिर्फ तैयारी
➡️ अपराध नहीं
⚠️ लेकिन बहुत ज़रूरी बात:
कुछ अपराध ऐसे होते हैं जहाँ:
👉 तैयारी ही अपराध बन जाती है ⚖️
जैसे:
- डकैती (Dacoity)
- देशद्रोह / आतंकवाद
- युद्ध की तैयारी
- संगठित अपराध
- आतंकी गतिविधियाँ
इन मामलों में:
✔️ सिर्फ तैयारी भी अपराध मानी जाती है
🧠 Core Rule:
Preparation ≠ Crime (सामान्य मामलों में)
Attempt = Crime
मतलब:
- तैयारी → आमतौर पर अपराध नहीं
- कोशिश → अपराध है
🚫 कब अपराध बनेगा:
अगर कानून ने उस अपराध के लिए साफ लिखा है कि:
“तैयारी भी अपराध है”
👉 तब Section 21 के तहत अपराध बनेगा ⚖️
⚖️ दंड (Punishment):
⚖️ सामान्य मामलों में:
❌ कोई दंड नहीं (अगर सिर्फ तैयारी है)
⚖️ गंभीर अपराधों में:
✅ तैयारी पर भी सज़ा हो सकती है
(जैसा उस विशेष अपराध की धारा में लिखा हो)
