BNS धारा 25 – झूठी जानकारी देना / गलत सूचना

📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)

🧾 Section 25 (धारा 25) – झूठी जानकारी देना / गलत सूचना

(Giving False Information / False Evidence / Misleading Authorities)

🟢 Section 25 का आसान मतलब:

अगर कोई व्यक्ति:

✔️ जानबूझकर झूठी जानकारी देता है
✔️ पुलिस को गलत सूचना देता है
✔️ अदालत (Court) को गुमराह करता है
✔️ फर्जी बयान देता है
✔️ झूठे सबूत बनाता है
✔️ किसी को फँसाने के लिए झूठी कहानी बनाता है

👉 तो वह खुद अपराधी माना जाएगा ⚖️

🧠 आम भाषा में समझो:

अगर कोई करता है:

“झूठी FIR लिखवा देता हूँ”
“पुलिस को गलत कहानी बता देता हूँ”
“झूठा गवाह बन जाता हूँ”
“फर्जी सबूत बना देता हूँ”
“किसी बेगुनाह को फँसा देता हूँ”

👉 तो ये सब सीधा अपराध है।

📌 Simple Examples:

Example 1:

किसी बेगुनाह पर झूठा केस कर दिया
➡️ अपराध

Example 2:

पुलिस को जानबूझकर गलत जानकारी दी
➡️ अपराध

Example 3:

कोर्ट में झूठी गवाही दी
➡️ अपराध

🧠 Core Rule:

झूठ + कानून = अपराध

मतलब:
कानून को गुमराह करना अपराध है ⚖️

🚫 कब लागू नहीं होगा:

अगर:

  • गलती से गलत जानकारी दी ❌
  • अनजाने में गलती हो गई ❌
  • धोखा देने की नीयत नहीं थी ❌

👉 तो Section 25 लागू नहीं होगा ❌

⚖️ दंड (Punishment):

⚖️ हाँ, इस धारा में दंड (Punishment) है

सज़ा में हो सकता है:

  • जेल (Imprisonment)
  • जुर्माना (Fine)
  • दोनों (Jail + Fine)

👉 सटीक सज़ा केस की गंभीरता पर निर्भर करेगी
और आगे की धाराओं में detail से दी जाती है।