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गिरफ्तारी की स्थिति में मजिस्ट्रेट को सूचना देना

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 82

गिरफ्तारी की स्थिति में मजिस्ट्रेट को सूचना देना (Information to Magistrate in Case of Arrest)

1. धारा 82 CrPC क्या है?

धारा 82 यह प्रावधान करती है कि जब कोई व्यक्ति गिरफ्तार किया जाता है, तो पुलिस या गिरफ्तारी करने वाले अधिकारी को तुरंत मजिस्ट्रेट को सूचित करना अनिवार्य है।

इसका उद्देश्य है कि गिरफ्तारी प्रक्रिया न्यायिक निगरानी में और पारदर्शी बनी रहे।

2. मजिस्ट्रेट और पुलिस की जिम्मेदारी

3. नियम और शर्तें

4. धारा 82 का उद्देश्य

5. संवैधानिक महत्व

धारा 82 अनुच्छेद 21 और 22 से संबंधित है:

6. न्यायालय के दिशानिर्देश

D.K. Basu v. State of West Bengal

7. महत्वपूर्ण बातें

इस प्रकार धारा 82 CrPC यह सुनिश्चित करती है कि गिरफ्तारी प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी, पारदर्शी और न्यायिक निगरानी में हो। ⚖️

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