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धारा 170 – बीमाकर्ता को विवाद करने का अधिकार (Impleading Insurer and Right to Contest)

🚗 Motor Vehicles Act, 1988

Chapter XII – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal)

धारा 170 – बीमाकर्ता को विवाद करने का अधिकार (Impleading Insurer and Right to Contest)

🔹 Section 170 का परिचय

Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 170 (Section 170) बीमा कंपनी (Insurance Company / Insurer) के अधिकारों से संबंधित है।
यह धारा MACT को यह शक्ति देती है कि विशेष परिस्थितियों में बीमाकर्ता को सभी आधारों पर दावा विवाद (Contest the Claim on All Grounds) करने की अनुमति दी जा सके।

सामान्यतः Insurance Company के अधिकार सीमित होते हैं, लेकिन Section 170 में exception प्रदान किया गया है।

🎯 धारा 170 का उद्देश्य

Section 170 का मुख्य उद्देश्य है:

⚖️ सामान्य नियम (Normal Rule)

आम तौर पर Insurance Company केवल वही बचाव (Defences) ले सकती है जो:

👉 Insurance Company negligence या compensation amount पर सीधे बहस नहीं कर सकती।

🚨 Section 170 के तहत अपवाद (Exception)

यदि MACT यह संतुष्ट हो जाए कि:

  1. Owner या Driver ने claim को contest नहीं किया, या
  2. Owner/Driver और Claimant के बीच collusion (मिलभगत) है

👉 तब MACT लिखित आदेश (Written Order) द्वारा:

📌 इसे ही “Leave under Section 170” कहा जाता है।

📝 Section 170 की कानूनी प्रक्रिया

⚠️ Section 170 का व्यावहारिक महत्व

🔗 Section 170 और Section 173 का संबंध

यदि:

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Chapter Chapter XII
धारा Section 170
विषय Insurer’s Right to Contest
सामान्य अधिकार Section 149(2) तक सीमित
विशेष अधिकार Section 170 की अनुमति पर

⚖️ Legal Disclaimer

यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी विशेष MACT मामले में बीमा कंपनी के अधिकारों से संबंधित सलाह हेतु योग्य अधिवक्ता (Advocate) से परामर्श आवश्यक है।

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