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नाबालिग के लिए विशेष रिमांड और मजिस्ट्रेट की अनुमति

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 65D

नाबालिग के लिए विशेष रिमांड और मजिस्ट्रेट की अनुमति (Special Remand of Juvenile with Magistrate’s Approval)

1. धारा 65D CrPC क्या है?

धारा 65D यह प्रावधान करती है कि यदि कोई नाबालिग आरोपी किसी विशेष परिस्थिति में गिरफ्तार होता है, तो उसे मजिस्ट्रेट की अनुमति से विशेष न्यायिक हिरासत में रखा जा सकता है।

इसका उद्देश्य है कि नाबालिग की सुरक्षा, सुधार और मानव अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके, साथ ही जाँच और कानूनी प्रक्रिया जारी रह सके।

2. मजिस्ट्रेट की शक्ति

3. हिरासत के नियम

4. धारा 65D का उद्देश्य

5. संवैधानिक महत्व

धारा 65D अनुच्छेद 15, 21 और 39(e) & (f) से जुड़ी हुई है:

6. न्यायालय के दिशानिर्देश

Bachpan Bachao Andolan v. Union of India

7. महत्वपूर्ण बातें

इस प्रकार धारा 65D CrPC यह सुनिश्चित करती है कि नाबालिग आरोपी की हिरासत विशेष परिस्थितियों में सुरक्षित, सुधारात्मक और मानव अधिकार-सुरक्षित तरीके से हो। ⚖️

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