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गिरफ्तार व्यक्ति की मजिस्ट्रेट हिरासत में निगरानी

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 60

गिरफ्तार व्यक्ति की मजिस्ट्रेट हिरासत में निरंतर निगरानी (Magistrate’s Custody and Monitoring of Arrested Person)

1. धारा 60 CrPC क्या है?

धारा 60 यह प्रावधान करती है कि जब कोई आरोपी मजिस्ट्रेट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में रखा जाता है, तो मजिस्ट्रेट नियमित रूप से उसकी हिरासत और स्वास्थ्य की निगरानी सुनिश्चित करता है।

इसका उद्देश्य है कि आरोपी की सुरक्षा, मानव गरिमा और न्यायिक निगरानी बनी रहे।

2. मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी

3. हिरासत के नियम

4. धारा 60 का उद्देश्य

5. संवैधानिक महत्व

धारा 60 अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22 से संबंधित है:

6. न्यायालय के दिशानिर्देश

D.K. Basu v. State of West Bengal

7. महत्वपूर्ण बातें

इस प्रकार धारा 60 CrPC यह सुनिश्चित करती है कि गिरफ्तार व्यक्ति न्यायिक हिरासत में सुरक्षित, पारदर्शी और मानव अधिकार-सुरक्षित तरीके से रहे। ⚖️

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