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गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट हिरासत में भेजने का आदेश

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 59

गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट हिरासत में भेजने का आदेश (Order for Judicial Custody by Magistrate)

1. धारा 59 CrPC क्या है?

धारा 59 यह प्रावधान करती है कि जब कोई आरोपी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट उसे पुलिस हिरासत से सीधे न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश दे सकता है।

इसका उद्देश्य यह है कि पुलिस हिरासत का दुरुपयोग रोका जाए और आरोपी की सुरक्षा न्यायिक निगरानी में सुनिश्चित हो।

2. मजिस्ट्रेट की शक्ति

3. हिरासत के नियम

4. धारा 59 का उद्देश्य

5. संवैधानिक महत्व

धारा 59 अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22 से जुड़ी हुई है:

6. न्यायालय के दिशानिर्देश

D.K. Basu v. State of West Bengal

7. महत्वपूर्ण बातें

इस प्रकार धारा 59 CrPC यह सुनिश्चित करती है कि गिरफ्तार व्यक्ति न्यायिक हिरासत में सुरक्षित रहे और पुलिस हिरासत का अनावश्यक या मनमानी प्रयोग न हो। ⚖️

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