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गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय सीमा (दूरस्थ गिरफ्तारी में)

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 57

गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय सीमा (Production of Arrested Person Before Magistrate in Case of Remote Arrest)

1. धारा 57 CrPC क्या है?

धारा 57 यह प्रावधान करती है कि यदि किसी व्यक्ति को दूरस्थ स्थान पर गिरफ्तार किया गया है, तो पुलिस अधिकारी को उसे जितनी जल्दी हो सके मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना आवश्यक है।

इसका उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों में भी गिरफ्तारी न्यायिक निगरानी में हो और पुलिस हिरासत का अनावश्यक दुरुपयोग न हो

2. मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का नियम

3. धारा 57 का उद्देश्य

4. संवैधानिक महत्व

धारा 57 अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22 से जुड़ी हुई है:

5. न्यायालय के दिशानिर्देश

D.K. Basu v. State of West Bengal

6. महत्वपूर्ण बातें

इस प्रकार धारा 57 CrPC यह सुनिश्चित करती है कि दूरस्थ क्षेत्रों में भी गिरफ्तार व्यक्ति न्यायिक निगरानी में रहे और पुलिस हिरासत का अनावश्यक दुरुपयोग न हो। ⚖️

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