Section 11 – Void Marriages (अवैध / अमान्य विवाह)

🪔 Hindu Marriage Act, 1955

Section 11 – Void Marriages (अवैध / अमान्य विवाह)

🔹 Section 11 का परिचय

Hindu Marriage Act, 1955 की धारा 11 (Section 11) उन विवाहों से संबंधित है जिन्हें वैध नहीं माना जाता (Void Marriages)

👉 ऐसे विवाह कभी भी न्यायालय में मान्य नहीं होंगे

🎯 Section 11 का उद्देश्य

  • अवैध विवाहों को पहचानना
  • केवल वैध और कानूनी विवाहों को मान्यता देना
  • विवाह के दौरान धोखाधड़ी या कानून के उल्लंघन से बचाव

⚖️ Section 11 के अंतर्गत Marriage Void होने के कारण

Marriage तब void (अमान्य) मानी जाएगी यदि:

  1. किसी पक्ष ने पहले ही वैध विवाह किया हुआ हो (Bigamy / Polygamy)
  2. दोनों पक्ष हिंदू धर्म के नियमों के अनुसार सक्षम नहीं हों (Minor, Unsound mind, Unsuitable consent)
  3. विवाह prohibited degrees of relationship में हुआ हो (जैसे भाई-बहन, चाचा-भतीजी)

📌 यदि कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो विवाह शुरुआत से ही अमान्य माना जाएगा।

🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)

  • पति पहले ही वैध विवाह में बंधा हुआ और फिर दूसरी शादी करना
  • 16 साल की लड़की से विवाह करना (यदि कानूनी उम्र पूरी न हुई हो)
  • पिता और बेटी के बीच या अन्य prohibited relations में विवाह होना

💰 Legal Effect / Remedy

  • Void marriage कभी भी judicial annulment के लिए admissible नहीं होती क्योंकि यह शुरू से ही अमान्य है
  • दोनों पक्षों के कानूनी अधिकार और दायित्व नहीं बनते
  • Property, maintenance या inheritance rights सिर्फ वैध विवाह में ही लागू

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Section 11
Topic Void Marriages
अर्थ अमान्य / अवैध विवाह
कारण Bigamy, Minor, Unsound Mind, Prohibited Relationship
Legal Effect Marriage invalid, no rights, no obligations

⚠️ Important Points

Section 11 में बताए गए कारणों से विवाह शुरुआत से ही अमान्य माना जाता है,
सिर्फ judicial annulment की जरूरत नहीं होती।

️ Legal Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में विवाह की वैधता न्यायालय के विवेक और परिस्थितियों पर निर्भर करती है।