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Section 17 – Divorce on Adultery (व्यभिचार के आधार तलाक)

🪔 Hindu Marriage Act, 1955

Section 17 – Divorce on Adultery (व्यभिचार के आधार तलाक)

🔹 Section 17 का परिचय

Hindu Marriage Act, 1955 की धारा 17 (Section 17) उन मामलों से संबंधित है जहाँ पति या पत्नी ने विवाह के दौरान व्यभिचार (Adultery) किया हो, और यह तलाक का आधार बन सकता है।

इसे आम भाषा में कहा जा सकता है: पति या पत्नी का शादी के बाहर संबंध होना।

🎯 Section 17 का उद्देश्य

⚖️ Section 17 के तहत प्रावधान

  1. यदि कोई spouse विवाह के दौरान adultery करता है।
  2. दूसरा spouse अदालत में divorce petition दायर कर सकता है।
  3. Court इस आधार पर Divorce grant कर सकती है, बशर्ते अन्य legal conditions पूरी हों।

📌 ध्यान दें:

🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)

💰 Legal Effect / Remedy

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Section 17
Topic Divorce on Adultery
अर्थ व्यभिचार के आधार तलाक
आवश्यकता प्रमाणित adultery, विवाह के दौरान
Legal Effect Divorce granted, Maintenance/Child Custody court discretion पर

⚠️ Important Points

Section 17 सुनिश्चित करता है कि Marriage में faithfulness का उल्लंघन legal ground बन सकता है।
Divorce के लिए साक्ष्य और court verification अनिवार्य हैं।

⚖️ Legal Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में divorce और संबंधित अधिकार court के विवेक और प्रमाणों पर निर्भर करते हैं।

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