Section 20 – Divorce on Conversion (धर्म परिवर्तन के आधार तलाक)

🪔 Hindu Marriage Act, 1955

Section 20 – Divorce on Conversion (धर्म परिवर्तन के आधार तलाक)

🔹 Section 20 का परिचय

Hindu Marriage Act, 1955 की धारा 20 (Section 20) उन मामलों से संबंधित है जहाँ पति या पत्नी ने विवाह के बाद अपना धर्म बदल लिया हो (Conversion) और यह तलाक का आधार बन सकता है।

इसे आम भाषा में कहा जा सकता है: पति या पत्नी द्वारा धर्म परिवर्तन करना।

🎯 Section 20 का उद्देश्य

  • Marriage में धार्मिक पहचान और वैधता सुनिश्चित करना
  • Conversion के कारण विवाह असहनीय या असंभाव्य होने पर legal remedy देना
  • पति या पत्नी को Divorce के लिए grounds प्रदान करना

⚖️ Section 20 के तहत Divorce का आधार

Marriage तब तलाक के लिए ground बनती है यदि:

  1. कोई spouse विवाह के बाद अपना धर्म बदलता है।
  2. Conversion ऐसा हो कि marriage का जीवन असहनीय बन जाए।
  3. Divorce के लिए यह contested divorce ground के रूप में पेश किया जा सकता है।

📌 ध्यान दें:

  • Section 20 केवल विवाह के बाद धर्म परिवर्तन पर लागू होता है।
  • Pre-marriage conversion के लिए यह ground नहीं माना जाएगा।

🚸 Practical Examples (व्यावहारिक उदाहरण)

  • पति ने शादी के 2 साल बाद हिंदू धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म अपनाया।
  • पत्नी ने Conversion के बाद विवाहिक कर्तव्यों का पालन नहीं किया।
  • अदालत Section 20 के आधार पर Divorce grant कर सकती है।

💰 Legal Effect / Remedy

  • Divorce legally granted हो सकती है।
  • Maintenance / Alimony / Child Custody court discretion पर तय होती है।
  • Conversion के आधार पर court additional legal protections भी दे सकती है।

📝 संक्षेप में (Summary)

बिंदु विवरण
Section 20
Topic Divorce on Conversion
अर्थ धर्म परिवर्तन के आधार तलाक
आवश्यकता Marriage के बाद धर्म परिवर्तन, marriage असहनीय होना
Legal Effect Divorce granted, Maintenance/Child Custody court discretion पर

⚠️ Important Points

Section 20 सुनिश्चित करता है कि Marriage के बाद धर्म परिवर्तन legal ground बन सकता है।
Divorce के लिए court में प्रमाण और circumstance अनिवार्य हैं।

️ Legal Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। वास्तविक मामलों में divorce और संबंधित अधिकार court के विवेक और प्रमाणों पर निर्भर करते हैं।