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गिरफ्तारी के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय सीमा

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 55

गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का समय (Time Limit for Production Before Magistrate)

1. धारा 55 CrPC क्या है?

धारा 55 यह प्रावधान करती है कि जब कोई व्यक्ति पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे नियमित समय सीमा के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना आवश्यक है।

इसका उद्देश्य है कि पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से न रोके और गिरफ्तार व्यक्ति को न्यायिक निगरानी के अधीन रखा जाए।

2. पेश करने का समय

धारा 55 के अनुसार:

3. धारा 55 का उद्देश्य

4. संवैधानिक महत्व

धारा 55 अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22 से संबंधित है:

5. न्यायालय के दिशानिर्देश

D.K. Basu v. State of West Bengal

6. महत्वपूर्ण बातें

इस प्रकार धारा 55 CrPC यह सुनिश्चित करती है कि गिरफ्तार व्यक्ति तत्काल न्यायिक निगरानी में रहे और पुलिस हिरासत का अनावश्यक दुरुपयोग न हो। ⚖️

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