BNS धारा 13 – मानसिक रूप से असमर्थ व्यक्ति का कार्य
📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)
🧾 Section 13 (धारा 13) – मानसिक रूप से असमर्थ व्यक्ति का कार्य
(Act of a person of unsound mind / mental incapacity)
🟢 Section 13 का आसान मतलब:
अगर कोई व्यक्ति कोई काम करता है और वह व्यक्ति:
✔️ मानसिक रूप से अस्वस्थ (Unsound Mind) है
✔️ सोचने-समझने की शक्ति नहीं है
✔️ सही-गलत की पहचान नहीं कर पाता
✔️ अपने काम का परिणाम नहीं समझता
👉 तो उसके उस काम को वैसे अपराध की तरह नहीं देखा जाएगा
जैसे किसी सामान्य समझदार व्यक्ति के काम को देखा जाता है।
🧠 आम भाषा में समझो:
अगर कोई आदमी मानसिक रूप से बीमार है
और उसे ये समझ ही नहीं है कि वो क्या कर रहा है,
👉 तो कानून उसे साधारण अपराधी की तरह नहीं देखता।
📌 Simple Examples:
✅ Example 1:
मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति
अचानक किसी चीज़ को तोड़ देता है
➡️ जानबूझकर नहीं
➡️ समझ नहीं थी
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा
✅ Example 2:
मानसिक रोगी व्यक्ति किसी को नुकसान पहुँचा देता है
➡️ उसे पता नहीं था क्या कर रहा है
➡️ अपराध नहीं माना जाएगा (criminal intent नहीं)
✅ Example 3:
व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर है
और गलत काम कर बैठता है
➡️ कानून उसे अलग तरीके से देखता है
➡️ सीधे अपराधी नहीं माना जाता
🚫 लेकिन ध्यान रखने वाली बात:
अगर कोई व्यक्ति:
- मानसिक रूप से ठीक है ❌
- पूरी समझ रखता है ❌
- सोच-समझकर अपराध करता है ❌
- बहाना बना रहा है ❌
👉 तो Section 13 की सुरक्षा नहीं मिलेगी ❌
और वह अपराधी माना जाएगा ✅
⚖️ दंड (Punishment) की स्थिति:
❌ इस धारा में कोई दंड (Punishment) नहीं है
क्योंकि यह भी एक Protection Section है
👉 यह मानसिक रूप से असमर्थ लोगों की सुरक्षा के लिए है।
