अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code)
(Article 44 – Uniform Civil Code for the Citizens)
Article 44 भारतीय संविधान के भाग IV (Directive Principles of State Policy) के अंतर्गत आता है।
यह अनुच्छेद राज्य को निर्देश देता है कि वह भारत के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने का प्रयास करे।
➡️ यह अनुच्छेद धर्म–आधारित व्यक्तिगत कानूनों में समानता लाने और
राष्ट्रीय एकता एवं लैंगिक न्याय को मजबूत करने से संबंधित है।
🟧 Article 44 का उद्देश्य
- कानून के सामने समानता
- लैंगिक न्याय (Gender Justice)
- धर्म आधारित भेदभाव को समाप्त करना
- राष्ट्रीय एकता और अखंडता
- आधुनिक और प्रगतिशील समाज का निर्माण
🟩 Article 44 का मूल भाव (Simple Meaning)
राज्य यह प्रयास करेगा कि—
- विवाह
- तलाक
- भरण-पोषण
- उत्तराधिकार
- गोद लेना
जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून हो,
चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
🟦 समान नागरिक संहिता (UCC) क्या है?
Uniform Civil Code का अर्थ है—
- सभी नागरिकों के लिए
- एक समान व्यक्तिगत कानून
- जो धर्म, जाति या संप्रदाय से अलग हो
➡️ इसमें धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं,
बल्कि केवल नागरिक मामलों में समानता लाई जाती है।
🟦 Article 44 और मौलिक अधिकारों का संबंध
- Article 25–28 → धर्म की स्वतंत्रता
- Article 44 → नागरिक मामलों में समान कानून
➡️ सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि—
UCC, धार्मिक स्वतंत्रता के विरुद्ध नहीं है,
क्योंकि यह धर्म नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों से संबंधित है।
🟥 न्यायालय की दृष्टि (Judicial Interpretation)
Shah Bano Case (1985)
- कोर्ट ने UCC की आवश्यकता पर जोर दिया।
Sarla Mudgal Case (1995)
- धर्म परिवर्तन कर विवाह करने की आलोचना की
- UCC लागू करने की सिफारिश की।
John Vallamattom Case (2003)
- धर्म आधारित असमान कानूनों की आलोचना की।
➡️ सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है कि
Article 44 को लागू करने का समय आ चुका है।
🟦 भारत में UCC की वर्तमान स्थिति
- पूरे भारत में अभी तक UCC लागू नहीं है
- गोवा एकमात्र राज्य है जहाँ
Common Civil Code लागू है









