अनुच्छेद 43 मजदूरों का कल्याण
(Article 43 – Living Wage, Conditions of Work and Decent Standard of Life for Workers)
Article 43 भारतीय संविधान के भाग IV (Directive Principles of State Policy) के अंतर्गत आता है।
यह अनुच्छेद राज्य को निर्देश देता है कि वह मजदूरों और कामगारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाए
और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करे।
➡️ यह अनुच्छेद श्रमिकों की सामाजिक–आर्थिक सुरक्षा का संवैधानिक आधार है।
🟩 Article 43 का उद्देश्य
- श्रमिकों की आर्थिक स्थिति सुधारना
- गरीबी और शोषण को कम करना
- श्रम को सम्मान देना
- औद्योगिक शांति और सामाजिक न्याय
🟩 Article 43 का मूल भाव (Simple Meaning)
राज्य यह प्रयास करेगा कि—
- मजदूरों को जीविका योग्य वेतन (Living Wage) मिले
- काम की अच्छी और सुरक्षित परिस्थितियाँ हों
- मजदूरों को
सम्मानजनक जीवन स्तर (Decent Standard of Life) प्राप्त हो
🟦 Article 43 के प्रमुख तत्व (Key Elements)
Article 43 तीन मुख्य बातों पर केंद्रित है—
1️⃣ जीविका योग्य वेतन
2️⃣ कार्य की उचित परिस्थितियाँ
3️⃣ श्रमिकों के लिए सम्मानजनक जीवन स्तर
🟧 1️⃣ जीविका योग्य वेतन (Living Wage)
➡️ जीविका योग्य वेतन का अर्थ है—
- ऐसा वेतन जिससे मजदूर
- भोजन
- कपड़ा
- आवास
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
जैसी बुनियादी आवश्यकताएँ पूरी कर सके
महत्वपूर्ण अंतर:
- Minimum Wage → सिर्फ जीवित रहने के लिए
- Living Wage → सम्मानजनक जीवन के लिए
🟧 2️⃣ काम की उचित परिस्थितियाँ
➡️ राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि—
- कार्यस्थल सुरक्षित हो
- कार्य-घंटे उचित हों
- स्वास्थ्य और स्वच्छता की व्यवस्था हो
- श्रमिकों का शोषण न हो
🟧 3️⃣ सम्मानजनक जीवन स्तर (Decent Standard of Life)
➡️ मजदूरों को—
- सामाजिक सुरक्षा
- अवकाश और मनोरंजन
- सांस्कृतिक विकास
- स्वास्थ्य सुविधाएँ
मिलें ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।
🟥 न्यायालय की दृष्टि (Judicial Interpretation)
Crown Aluminium Works v. Their Workmen
- मजदूरी ऐसी होनी चाहिए
जिससे श्रमिक सम्मानजनक जीवन जी सके।
Express Newspapers Case
- श्रमिकों का कल्याण
संविधान का लक्ष्य है।
🟦 Article 43 के आधार पर बने कानून
Article 43 के कारण—
- Minimum Wages Act, 1948
- Payment of Wages Act
- Employees Provident Fund Act
- Bonus Act
- Labour Welfare Acts






