अनुच्छेद 28 धार्मिक शिक्षा पर प्रतिबंध
🔶 अनुच्छेद 28 — धार्मिक शिक्षा पर प्रतिबंध
(Article 28 – Freedom as to Attendance at Religious Instruction or Religious Worship in Certain Educational Institutions)
अनुच्छेद 28 शिक्षा संस्थानों में धार्मिक शिक्षा, धार्मिक उपदेश और धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित नियम तय करता है।
इसका मुख्य उद्देश्य है—
👉 सरकारी शिक्षा संस्थानों को धर्मनिरपेक्ष (secular) बनाए रखना
👉 बच्चों को धार्मिक शिक्षा में भाग लेने के लिए मजबूर होने से बचाना
🟩 अनुच्छेद 28 की 4 मुख्य धाराएँ (Clauses)
अनुच्छेद 28 में कुल चार महत्वपूर्ण उप–खंड हैं—
28(1), 28(2), 28(3), और 28(4)।
आइए उन्हें विस्तार से समझें—
🟦 1. अनुच्छेद 28(1) – सरकारी अनुदानित पूर्ण संस्थानों में धार्मिक शिक्षा का पूर्ण प्रतिबंध
➡️ केंद्र या राज्य सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्तपोषित (fully funded) स्कूल/कॉलेज
में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपदेश नहीं दिए जा सकते।
सरल शब्दों में—
- Government Schools
- Government Colleges
- Central/State Fully Funded Institutions
👉 इनमें धार्मिक पढ़ाई बिल्कुल नहीं हो सकती।
उद्देश्य:
शिक्षा संस्थानों में पूर्ण धर्मनिरपेक्षता सुनिश्चित करना।
🟦 2. अनुच्छेद 28(2) – आंशिक रूप से सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में धार्मिक शिक्षा की अनुमति
➡️ यदि संस्था सरकार से केवल आंशिक आर्थिक सहायता (Aided Institutions) प्राप्त करती है,
तो धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है,
लेकिन सरकार द्वारा उस पर कोई रोक नहीं है।
उदाहरण:
- मिशनरी स्कूल
- मदरसा
- वेद पाठशाला
- गुरुकुल
जो आंशिक रूप से सरकार से सहायता लेते हैं।
👉 ये संस्थान अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार पढ़ा सकते हैं।
🟦 3. अनुच्छेद 28(3) – धार्मिक शिक्षा/उपदेश में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा
➡️ किसी भी छात्र को धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपदेश में
बिना उसकी सहमति (या नाबालिग होने पर अभिभावक की सहमति)
भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
इसका मतलब:
- विद्यार्थी चाहें तो धार्मिक कक्षा में बैठें
- अगर न चाहें तो कोई दबाव नहीं
- बिना लिखित सहमति के उपस्थिति मान्य नहीं
यह धारा सभी जगह लागू है—
- Fully Government Institutions
- Aided Institutions
- Private Institutions receiving aid
🟦 4. अनुच्छेद 28(4) – संस्थान जो धर्म आधारित हैं, उन पर कोई रोक नहीं
यह प्रावधान धार्मिक शिक्षण संस्थानों को छूट देता है।
➡️ यदि कोई संस्था—
- किसी धार्मिक समुदाय द्वारा स्थापित हो
- उसके प्रबंधन के उद्देश्यों में धार्मिक शिक्षा शामिल हो
- वह सरकार द्वारा स्थापित न की गई हो
तो वहां धार्मिक शिक्षा स्वतंत्र रूप से दी जा सकती है।
उदाहरण:
- मुस्लिम मदरसा
- Christian Missionary School
- Sikh Gurudwara schools
- Jain Schools
- Buddhist Monastic Institutions
👉 ये संस्थान अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार धार्मिक शिक्षा/उपदेश दे सकते हैं।
🟧 अनुच्छेद 28 का उद्देश्य
- सरकारी स्कूलों को धर्मनिरपेक्ष बनाना
- धार्मिक दबाव से विद्यार्थियों को बचाना
- शिक्षा प्रणाली में समानता लाना
- किसी धर्म विशेष को बढ़ावा न देना
- अंतरात्मा और धर्म की स्वतंत्रता (Article 25) को सुरक्षित रखना
🟩 महत्वपूर्ण न्यायालयीय निर्णय (Landmark Judgments)
✔ 1. Aruna Roy vs Union of India (2002)
सुप्रीम कोर्ट ने कहा—
➡️ नैतिक शिक्षा (Moral Education)
➡️ मूल्य शिक्षा (Value Education)
धर्म-निरपेक्ष तरीके से पढ़ाई जा सकती है।
यह अनुच्छेद 28 का उल्लंघन नहीं है।
✔ 2. Bijoe Emmanuel Case (1986)
विद्यार्थियों को धार्मिक कारणों से
➡️ प्रार्थना में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।









