अनुच्छेद 38 सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय
(Article 38 – State to Secure a Social Order for the Promotion of Welfare of the People)
Article 38 भारतीय संविधान के भाग IV (Part IV) के अंतर्गत आता है।
यह अनुच्छेद राज्य को निर्देश देता है कि वह ऐसी सामाजिक व्यवस्था (Social Order) बनाए,
जिससे सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्राप्त हो।
➡️ यह अनुच्छेद भारत को Welfare State (कल्याणकारी राज्य) बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों में से एक है।
🟩 Article 38 का उद्देश्य
- कल्याणकारी राज्य की स्थापना
- समानता और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण
- गरीबी, शोषण और असमानता को समाप्त करना
- समावेशी विकास (Inclusive Growth) सुनिश्चित करना
🟩 Article 38 का मूल भाव (In Simple Words)
राज्य का कर्तव्य है कि वह—
- समाज में न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाए
- सभी नागरिकों को बराबरी और सम्मान दे
- आय, अवसर और स्थिति की असमानताओं को कम करे
🟦 Article 38 के उप–खंड (Clauses)
Article 38 में दो उप–खंड हैं—
- Article 38(1) – सामाजिक व्यवस्था और न्याय
- Article 38(2) – असमानताओं को कम करना (42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया)
अब इन्हें विस्तार से समझते हैं👇
🟧 1️⃣ Article 38(1) — सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय
➡️ राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि—
- सामाजिक न्याय (Social Justice)
- आर्थिक न्याय (Economic Justice)
- राजनीतिक न्याय (Political Justice)
सभी नागरिकों को प्राप्त हो।
🔹 सामाजिक न्याय का अर्थ
- जाति, धर्म, लिंग, जन्म आदि के आधार पर भेदभाव न हो
- कमजोर वर्गों को संरक्षण और समान सम्मान मिले
🔹 आर्थिक न्याय का अर्थ
- गरीबी कम करना
- रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
- न्यूनतम जीवन स्तर सुनिश्चित करना
🔹 राजनीतिक न्याय का अर्थ
- लोकतांत्रिक अधिकार
- समान मताधिकार
- शासन में भागीदारी का अवसर
🟧 2️⃣ Article 38(2) — असमानताओं को कम करना
➡️ यह उप-खंड 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया।
राज्य का कर्तव्य है कि वह—
- आय की असमानता कम करे
- सामाजिक स्थिति की असमानता घटाए
- अवसरों की असमानता कम करे
यह असमानता कहाँ-कहाँ हो सकती है?
- व्यक्तियों के बीच
- समूहों के बीच
- क्षेत्रों के बीच
➡️ चाहे वह गाँव-शहर हो या अमीर-गरीब का अंतर।
न्यायालय की दृष्टि (Judicial Interpretation)
Kesavananda Bharati Case (1973)
- सामाजिक और आर्थिक न्याय संविधान के Basic Structure का हिस्सा है।
Minerva Mills Case (1980)
- DPSP और Fundamental Rights में संतुलन आवश्यक है।
- Article 38 जैसे DPSP लोकतंत्र को मजबूत करते हैं।








