गिरफ्तार व्यक्ति का मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना
दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 67
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना (Production of Arrested Person before Magistrate)
1. धारा 67 CrPC क्या है?
धारा 67 यह प्रावधान करती है कि जब कोई व्यक्ति गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे तुरंत मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए।
इसका उद्देश्य है कि गिरफ्तारी प्रक्रिया न्यायिक निगरानी में हो और हिरासत का दुरुपयोग न हो।
2. मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के नियम
- गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जितनी जल्दी संभव हो मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाए।
- मजिस्ट्रेट आरोपी की हिरासत, सुरक्षा और मानव अधिकार का मूल्यांकन करता है।
- मजिस्ट्रेट तय करता है कि आरोपी पुलिस हिरासत में रहना चाहिए या सीधे न्यायिक हिरासत में भेजा जाए।
3. महिला और नाबालिग की सुरक्षा
- महिला और नाबालिग को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के समय विशेष सावधानी और सुरक्षा बरती जाए।
- महिला आरोपी को महिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना उचित है।
- नाबालिग को बाल न्याय अधिकारी की निगरानी में पेश किया जाए।
4. धारा 67 का उद्देश्य
- गिरफ्तारी प्रक्रिया को न्यायिक निगरानी में लाना
- हिरासत और गिरफ्तारी का दुरुपयोग रोकना
- आरोपी के मानव अधिकार, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना
5. संवैधानिक महत्व
धारा 67 अनुच्छेद 21 और 22 से जुड़ी हुई है:
- अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा
- अनुच्छेद 22: मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना अनावश्यक हिरासत या गिरफ्तारी गैरकानूनी
6. न्यायालय के दिशानिर्देश
D.K. Basu v. State of West Bengal
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है।
- महिला और नाबालिग के मामलों में विशेष सुरक्षा और निगरानी अनिवार्य है।
- यह आदेश गिरफ्तारी और हिरासत प्रक्रिया को पारदर्शी और मानव अधिकार-सुरक्षित बनाता है।
7. महत्वपूर्ण बातें
- गिरफ्तारी के बाद आरोपी को तुरंत मजिस्ट्रेट के सामने पेश करें।
- महिला और नाबालिग की पेशी में विशेष सावधानी हो।
- मजिस्ट्रेट तय करता है कि आरोपी को पुलिस हिरासत या न्यायिक हिरासत में भेजा जाए।
- धारा 67 गिरफ्तारी प्रक्रिया को कानूनी, सुरक्षित और न्यायिक निगरानी के अधीन बनाती है।
इस प्रकार धारा 67 CrPC यह सुनिश्चित करती है कि गिरफ्तारी प्रक्रिया न्यायिक, पारदर्शी और मानव अधिकार-सुरक्षित हो। ⚖️











