BNS धारा 29 – अपराध करने की कोशिश

📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)

🧾 Section 29 (धारा 29) – अपराध करने की कोशिश

(Attempt to Commit an Offence)

🟢 आसान मतलब:

अगर कोई व्यक्ति:

✔️ अपराध करने का इरादा रखता है
✔️ अपराध करने की तैयारी करता है
✔️ अपराध शुरू कर देता है
❌ लेकिन पूरा अपराध हो नहीं पाता

👉 तो भी वह व्यक्ति अपराधी माना जाएगा ⚖️

🧠 आम भाषा में:

अगर कोई बोले:

“मैंने मारा नहीं, बस मारने गया था”
“डकैती हुई नहीं, बस करने जा रहे थे”
“फ्रॉड पूरा नहीं हुआ”

👉 तो कानून कहता है:
कोशिश करना भी अपराध है ⚖️

📌 Simple Examples:

Example 1:

कोई चाकू लेकर हमला करने गया
पर लोग पकड़ लेते हैं
➡️ हत्या की कोशिश = अपराध

Example 2:

डकैती की तैयारी करके घर में घुसे
पर कुछ चुरा नहीं पाए
➡️ डकैती की कोशिश = अपराध

Example 3:

फ्रॉड करने की कोशिश की
पर ट्रांजेक्शन फेल हो गया
➡️ फ्रॉड की कोशिश = अपराध

🧠 Core Rule:

इरादा + तैयारी + कोशिश = अपराध

⚖️ दंड (Punishment) – Detail में समझो:

👉 Rule:

जिस अपराध की कोशिश की गई है
उसी अपराध की सज़ा के अनुसार दंड मिलेगा, लेकिन:

🔹 सज़ा आमतौर पर कम होती है

(पूरे अपराध से थोड़ी कम)

📌 सज़ा कैसे तय होती है?

🟡 Case 1:

अगर अपराध की सज़ा है:

  • आजीवन कारावास (Life Imprisonment)
    या
  • मृत्युदंड (Death Penalty)

👉 तो कोशिश करने पर:

  • लंबी जेल (Long Imprisonment)
  • कठोर सज़ा
  • गंभीर अपराध माना जाएगा

🟡 Case 2:

अगर अपराध की सज़ा है:

  • 10 साल जेल

👉 कोशिश पर:

  • 3–7 साल जेल (case पर depend)
  • जुर्माना अलग से लग सकता है

🟡 Case 3:

अगर अपराध की सज़ा है:

  • 3 साल जेल

👉 कोशिश पर:

  • 1 साल तक जेल
    या
  • जुर्माना
    या
  • दोनों

🧾 Simple Formula:

Attempt Punishment = Actual Crime Punishment से कम,
लेकिन Serious Crime माना जाएगा

🚫 कब लागू नहीं होगा:

अगर:

  • सिर्फ सोच था ❌
  • सिर्फ बात हुई ❌
  • कोई तैयारी नहीं हुई ❌
  • कोई कदम नहीं उठाया ❌

👉 तो Section 29 लागू नहीं होगा ❌