BNS धारा 10 – सहमति से किया गया कार्य

📘 BNS (भारतीय न्याय संहिता – Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)

🧾 Section 10 (धारा 10) – सहमति (Consent) से किया गया कार्य

(Act done with consent in good faith)

🟢 Section 10 का आसान मतलब:

अगर कोई व्यक्ति कोई काम करता है:

✔️ दूसरे व्यक्ति की सहमति (Consent) से
✔️ ईमानदारी से (Good Faith)
✔️ बिना नुकसान पहुँचाने की नीयत से
✔️ कानूनी दायरे में रहकर

👉 तो वह काम अपराध (Crime) नहीं माना जाएगा ❌

🧠 आम भाषा में समझो:

अगर कोई आदमी कहे:

“इस काम के लिए सामने वाले ने खुद हाँ कहा था”

और सच में:

  • सहमति थी ✅
  • दबाव नहीं था ❌
  • धोखा नहीं था ❌
  • ज़बरदस्ती नहीं थी ❌
  • गलत नीयत नहीं थी ❌

👉 तो वह अपराध नहीं माना जाएगा।

📌 Simple Examples:

Example 1:

डॉक्टर ऑपरेशन करता है
➡️ मरीज की सहमति से
➡️ अपराध नहीं है

Example 2:

कोई व्यक्ति खेल (Sport) में चोट खा जाता है
➡️ दोनों की सहमति से खेल
➡️ अपराध नहीं है

Example 3:

कोई व्यक्ति इलाज के दौरान दर्द सहता है
➡️ सहमति से इलाज
➡️ अपराध नहीं है

🚫 लेकिन ध्यान रखने वाली बात:

अगर:

  • सहमति ज़बरदस्ती से ली गई ❌
  • धोखे से ली गई ❌
  • डराकर ली गई ❌
  • नाबालिग की सहमति हो ❌
  • कानून मना करता हो ❌

👉 तो Section 10 की सुरक्षा नहीं मिलेगी
और वह अपराध माना जाएगा

⚖️ दंड (Punishment) की स्थिति:

इस धारा में कोई दंड (Punishment) नहीं है
क्योंकि यह भी एक Protection Section है
👉 यह बताती है कि कौन सा काम अपराध नहीं माना जाएगा।