धारा 165 – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की स्थापना (Establishment of MACT)

🚗 Motor Vehicles Act, 1988

Chapter XII – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal)

धारा 165 – मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की स्थापना (Establishment of MACT)

🔹 Chapter XII का परिचय

Motor Vehicles Act, 1988 का Chapter XII (Sections 165–176) मोटर वाहन दुर्घटनाओं से संबंधित मुआवजा (Compensation) मामलों के लिए विशेष व्यवस्था प्रदान करता है।
इस Chapter के अंतर्गत Motor Accident Claims Tribunal (MACT) की स्थापना, उसके अधिकार, प्रक्रिया तथा award से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।

🔹 धारा 165 का उद्देश्य

Section 165 का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) में पीड़ित व्यक्तियों या उनके आश्रितों को त्वरित और प्रभावी न्याय (Speedy & Effective Justice) प्रदान करना है, ताकि मुआवजे के लिए उन्हें लंबी सिविल प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।

⚖️ Motor Accident Claims Tribunal (MACT) क्या है?

Motor Accident Claims Tribunal (MACT) एक विशेष न्यायिक अधिकरण (Special Tribunal) है, जिसे राज्य सरकार (State Government) द्वारा अधिसूचना (Notification) के माध्यम से स्थापित किया जाता है।

इसका कार्य है:

  • मोटर वाहन दुर्घटना (Motor Vehicle Accident) से उत्पन्न
  • Death, Bodily Injury, या
  • Damage to Property
    से संबंधित Compensation Claims की सुनवाई करना।

📜 Section 165(1): अधिकरण की स्थापना

धारा 165(1) के अनुसार:

राज्य सरकार राजपत्र (Official Gazette) में अधिसूचना प्रकाशित कर, एक या अधिक Motor Accident Claims Tribunals की स्थापना कर सकती है।

👉 यह अधिकरण:

  • एक निर्दिष्ट क्षेत्र (Specified Area) के लिए
  • मोटर दुर्घटनाओं से उत्पन्न दावों (Claims for Compensation) का निपटारा करता है।

🧑‍⚖️ अधिकरण की संरचना (Composition of MACT)

धारा 165 के अंतर्गत:

  • अधिकरण में एक या एक से अधिक सदस्य (Members) हो सकते हैं
  • Presiding Officer सामान्यतः:
    • District Judge के समकक्ष योग्यता रखने वाला व्यक्ति होता है

(नियुक्ति एवं योग्यता से संबंधित प्रावधान अलग Rules में निर्धारित हैं)

📂 MACT किन मामलों की सुनवाई करता है?

MACT निम्न मामलों पर अधिकार रखता है:

  1. सड़क दुर्घटना में मृत्यु (Death)
  2. शारीरिक चोट (Bodily Injury)
  3. थर्ड पार्टी की संपत्ति को नुकसान (Damage to Property)
  4. Third Party Insurance Claims

📌 जहाँ MACT को अधिकार प्राप्त है, वहाँ Civil Court का jurisdiction समाप्त हो जाता है।

🚫 सिविल कोर्ट के अधिकार पर प्रतिबंध

जब किसी मामले पर MACT को अधिकार दिया गया हो:

  • तब Civil Court उस claim की सुनवाई नहीं कर सकती
  • इससे दावों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित होता है

⚠️ धारा 165 का व्यावहारिक महत्व

  • दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित राहत
  • Specialized Tribunal होने से:
    • मुआवजे की गणना (Compensation Calculation) standardized होती है
    • मामलों का निपटारा अपेक्षाकृत जल्दी होता है
  • Insurance Company, Vehicle Owner और Claimant—तीनों के हित सुरक्षित रहते हैं